Rajasthan Mega Investment Approval: जयपुर में आयोजित बोर्ड ऑफ इन्वेस्टमेंट (BOI) की 6वीं बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajan Lal Sharma) की अध्यक्षता में राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति देने वाले बड़े फैसले लिए गए। इस बैठक में 46 हजार करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी 10 अल्ट्रा मेगा परियोजनाओं (Rajasthan Mega Investment Approval) को कस्टमाइज्ड पैकेज की स्वीकृति दी गई। इन परियोजनाओं से प्रदेश में 12 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है।
रिप्स के तहत कस्टमाइज्ड पैकेज को हरी झंडी
मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित बैठक में विभिन्न सेक्टर से जुड़े निवेश प्रस्तावों को राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम (RIPS) के तहत कस्टमाइज्ड पैकेज की मंजूरी प्रदान की गई। स्वीकृत परियोजनाओं में सोलर मॉड्यूल एवं सैल मैन्युफैक्चरिंग, नवीकरणीय ऊर्जा, सीमेंट, माइंस और मिनरल्स, ऑटोमोबाइल, केमिकल, टैक्सटाइल और पर्यटन सेक्टर शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि जिन कंपनियों को रिप्स परिलाभ और कस्टमाइज्ड पैकेज दिए गए हैं, उनके निवेश की प्रगति (Rajasthan Mega Investment Approval) की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
राजस्व वृद्धि के साथ रोजगार सृजन प्राथमिकता
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ बड़े स्तर पर रोजगार सृजन करना है। उन्होंने कहा कि निवेश को आकर्षित करने के लिए पारदर्शी नीतियां और समयबद्ध स्वीकृतियां जरूरी हैं, ताकि उद्योगों को अनुकूल वातावरण मिल सके और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त हों।
‘राइजिंग राजस्थान’ एमओयू की होगी जिलेवार मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री ने ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ के तहत हुए एमओयू की जिलेवार समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में निवेश प्रस्ताव आए हैं, वहां उनकी प्रगति की नियमित निगरानी होनी चाहिए ताकि जमीन पर परियोजनाएं (Rajasthan Mega Investment Approval) जल्द शुरू हो सकें। इसके साथ ही ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ODOP) योजना को और अधिक प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया।
हस्तशिल्प और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में प्रदेश की पारंपरिक हस्तशिल्प कला को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर विशेष विक्रय स्थल चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए पर्यटन सेक्टर को मजबूत करना आवश्यक है। साथ ही नए पर्यटन स्थलों के विकास पर भी बल दिया गया, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिल सके।
इन सेक्टरों में होगा बड़ा निवेश
स्वीकृत 10 अल्ट्रा मेगा परियोजनाएं (Rajasthan Mega Investment Approval) कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में फैली हैं-
- सोलर मॉड्यूल और सैल निर्माण
- नवीकरणीय ऊर्जा
- सीमेंट उद्योग
- खनन एवं खनिज
- ऑटोमोबाइल
- केमिकल
- टेक्सटाइल
- पर्यटन
इन क्षेत्रों में निवेश से राज्य की औद्योगिक क्षमता मजबूत होगी और निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा।
निवेश से बढ़ेगा राज्य का प्रतिस्पर्धात्मक स्तर
राजस्थान पहले ही खनिज संसाधनों, सौर ऊर्जा क्षमता और पर्यटन संभावनाओं के लिए जाना जाता है। अब इन नई परियोजनाओं (Rajasthan Mega Investment Approval) के जरिए राज्य राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूती से उभरेगा। बेहतर नीतिगत समर्थन, तेज स्वीकृति प्रक्रिया और उद्योग-अनुकूल वातावरण से राज्य अन्य औद्योगिक राज्यों को कड़ी टक्कर देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में इसका सकारात्मक प्रभाव जीडीपी और निर्यात आंकड़ों में भी दिखाई दे सकता है।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग शिखर अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गलरिया, आयुक्त बीआईपी सुरेश कुमार ओला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राजस्थान में 46 हजार करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी मिलना राज्य के औद्योगिक विकास के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि 12 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। सरकार की सक्रिय मॉनिटरिंग और नीतिगत समर्थन से यह निवेश राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है।
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