Punjab Anti Sacrilege Law 2026: चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब विधानसभा ने गुरुवार को सर्वसम्मति से ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026’ पारित कर दिया। इस ऐतिहासिक फैसले के तहत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी (Punjab Anti Sacrilege Law 2026) को रोकने और दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए देश के सबसे सख्त कानूनों में से एक लागू किया गया है। नए कानून में बेअदबी के मामलों में उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है, जिससे इस संवेदनशील अपराध के खिलाफ सख्त संदेश देने की कोशिश की गई है।
बेअदबी मामलों पर अब गैर-जमानती और कठोर कार्रवाई
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सदन में जानकारी देते हुए कहा कि यह कानून (Punjab Anti Sacrilege Law 2026) पिछली सरकारों की कमियों को दूर करने के लिए लाया गया है। उन्होंने बताया कि नए प्रावधानों के तहत जांच प्रक्रिया को तेज किया जाएगा और बेअदबी के मामलों को गैर-जमानती श्रेणी में रखा गया है। इस संशोधन में 5 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा के साथ 20 लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रावधान है। इसके अलावा अपराध में सहायता करने वालों को भी समान रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
‘यह सिर्फ कानून नहीं, आस्था की सुरक्षा है’ – मुख्यमंत्री मान
विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी (Punjab Anti Sacrilege Law 2026) केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज की आस्था और भाईचारे पर हमला है। उन्होंने इसे राज्य की शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को तोड़ने की साजिश बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की सरकार का स्पष्ट संदेश है कि इस तरह के अपराध को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।
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पिछली सरकारों पर निशाना, नई नीति को बताया निर्णायक सुधार
भगवंत मान ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पहले राजनीतिक दल केवल धार्मिक भावनाओं (Punjab Anti Sacrilege Law 2026) के नाम पर राजनीति करते रहे, लेकिन बेअदबी जैसे गंभीर मुद्दे पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने सिर्फ बयानबाजी नहीं, बल्कि वास्तविक कानूनी ढांचा तैयार कर दिया है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
पंजाब की एकता और भाईचारे की रक्षा का संकल्प
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब हमेशा से शांति, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक रहा है। कोई भी ताकत राज्य के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान नहीं पहुंचा सकती। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल कानून (Punjab Anti Sacrilege Law 2026) बनाना नहीं, बल्कि समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है।
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श्री गुरु ग्रंथ साहिब की वैश्विक और आध्यात्मिक महत्ता
मान ने सदन में कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानवता, समानता और विश्व भाईचारे का संदेश देने वाला पवित्र ग्रंथ है। इसमें सिख गुरुओं के साथ-साथ हिंदू, मुस्लिम और सूफी संतों की वाणी भी शामिल है, जो इसे अनोखा बनाती है। उन्होंने कहा कि दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने इसे शाश्वत गुरु का दर्जा दिया, और यह आज भी हर सिख जीवन के हर संस्कार में मार्गदर्शन करता है।
समाज को संदेश – शांति और सद्भाव बनाए रखना सर्वोपरि
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब (Punjab Anti Sacrilege Law 2026) के लोग हमेशा से शांति और भाईचारे के पक्षधर रहे हैं और सरकार भी इसी परंपरा को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह कानून आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत संदेश देगा कि धार्मिक भावनाओं के खिलाफ किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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