Harbhajan Singh Security Case: पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह एक बार फिर राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गए हैं। आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के बाद उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। इसी बीच पंजाब पुलिस द्वारा उनकी सुरक्षा हटाने का मामला अब अदालत तक पहुंच गया है। इसी मामले में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को साफ निर्देश दिया है कि हरभजन सिंह और उनके परिवार को किसी भी तरह की शारीरिक क्षति नहीं पहुंचनी चाहिए। Harbhajan Singh Security Case अब पंजाब की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है।
हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को क्या कहा?
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया। जस्टिस जगमोहन बंसल की बेंच ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करे कि हरभजन सिंह और उनके परिवार को कोई नुकसान न पहुंचे। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 12 मई तय की है। हरभजन सिंह ने अपनी याचिका में कहा कि उनकी सुरक्षा बिना किसी ताजा खतरे के आकलन के वापस ली गई। इस पूरे Harbhajan Singh Security Case में अदालत का रुख काफी सख्त माना जा रहा है क्योंकि मामला सीधे एक सांसद की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
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सुरक्षा हटाने के बाद बढ़ा तनाव
24 अप्रैल को हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। उनके साथ राघव चड्ढा समेत कई राज्यसभा सांसदों ने भी पार्टी बदली थी। इसके तुरंत बाद पंजाब पुलिस ने उनका सुरक्षा घेरा हटा लिया। हालांकि बाद में केंद्र सरकार ने उनके जालंधर स्थित घर के बाहर CRPF की तैनाती कर दी। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर कई सवाल उठे। विपक्ष ने आरोप लगाया कि राजनीतिक बदले की भावना से सुरक्षा हटाई गई। यही वजह है कि Harbhajan Singh Security Case लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
घर के बाहर लिख दिया गया ‘गद्दार’
हरभजन सिंह की याचिका में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बताया गया कि सुरक्षा हटाए जाने के बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनके घर के बाहर प्रदर्शन किया। जालंधर और लुधियाना स्थित उनके घरों की दीवारों पर स्प्रे पेंट से ‘गद्दार’ लिखा गया। याचिका के मुताबिक, 25 अप्रैल को प्रदर्शनकारी उनके घर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। सबसे बड़ी बात यह बताई गई कि उस समय स्थानीय पुलिस मौजूद थी, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की। इस खुलासे के बाद Harbhajan Singh Security Case ने और ज्यादा राजनीतिक रंग पकड़ लिया।
हरभजन सिंह ने याचिका में क्या कहा?
हरभजन सिंह ने अदालत में कहा कि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) ने बिना कोई नोटिस दिए उनका सुरक्षा घेरा वापस ले लिया। उन्होंने दावा किया कि न तो उन्हें सुनवाई का मौका दिया गया और न ही किसी नए खतरे का आकलन किया गया। याचिका में यह भी कहा गया कि सुरक्षा हटने के तुरंत बाद हिंसक भीड़ उनके घर पहुंच गई। उस समय हरभजन सिंह मुंबई में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। उनके रिश्तेदारों ने फोन पर उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। यही घटनाएं अब Harbhajan Singh Security Case का सबसे अहम हिस्सा बन गई हैं।
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पंजाब सरकार पर उठ रहे सवाल
इस मामले के बाद पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि अगर किसी सांसद की सुरक्षा इस तरह हटाई जा सकती है, तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या होगा। बीजेपी नेताओं ने भी पंजाब सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि राजनीतिक मतभेद के कारण किसी की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि सुरक्षा से जुड़े फैसले प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं। लेकिन लगातार बढ़ते विवाद के कारण Harbhajan Singh Security Case अब सिर्फ सुरक्षा का मामला नहीं बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है।
CRPF की तैनाती से बढ़ी राजनीतिक हलचल
पंजाब पुलिस द्वारा सुरक्षा हटाने के बाद केंद्र सरकार ने हरभजन सिंह के घर के बाहर CRPF तैनात कर दी। इस कदम को लेकर भी राजनीति तेज हो गई। बीजेपी ने इसे जरूरी फैसला बताया, जबकि विरोधी दल इसे राजनीतिक ड्रामा करार दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव की झलक भी इस मामले में साफ दिखाई दे रही है। यही वजह है कि Harbhajan Singh Security Case अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है।
क्या कहता है कानून?
कानून के अनुसार किसी भी जनप्रतिनिधि की सुरक्षा हटाने से पहले खतरे का आकलन किया जाता है। अगर किसी व्यक्ति को संभावित खतरा हो तो प्रशासन को सुरक्षा सुनिश्चित करनी होती है। हरभजन सिंह की याचिका का मुख्य आधार यही है कि सुरक्षा हटाने से पहले तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। अब हाई कोर्ट इसी पहलू की जांच करेगा। आने वाले दिनों में अदालत का फैसला पंजाब की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों के लिए अहम साबित हो सकता है।
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