जानू Transgender Ventriloquist Artist बन चुकीं हैं जिन्होंने “इंफ्लुएंसर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स” में सम्मान प्राप्त किया है।
कर्नाटक के रायचूर की रहने वाली जानू देश की पहली Transgender Ventriloquist Artist बन गई। यह तब संभव हुआ जब अब्दुल ने जानू बनने का सफर चुना।
खुद को शर्म का कारण मानती थीं जानू
जानू का जन्म एक छोटे से गाँव में हुआ था। बचपन से ही वो अलग थी — न चाल वैसी थी, न पसंद वैसी, जैसी एक “लड़के” से उम्मीद की जाती थी। माँ समझती थी, लेकिन पिता की नज़रों में वो शर्म का कारण थी। स्कूल में उसे ताने मिलते थे, रास्तों पर लोग हँसते थे। पर सबसे बड़ा दर्द था खुद को छिपाना, अपनी असल पहचान को दबाकर जीना।
मोड़ तब आया..
जानू ने अपनी बहन से सिर्फ 4 हजार रुपये लेकर बेंगलुरु शिफ्ट होने का फैसला लिया और संघर्षों से लड़ते हुए आज अपनी एक नई पहचान बना ली है।
एक दिन जानू की मुलाकात NGO से जुड़ी एक महिला से हुई, जिसने उसे शरण दी, पढ़ाया, और आत्मनिर्भर बनना सिखाया। जानू ने सिलाई सीखी, फिर मेकअप आर्टिस्ट की ट्रेनिंग ली। कुछ ही सालों में वह शहर की जानी-मानी ट्रांसजेंडर मेकअप आर्टिस्ट बन गई।

पहचान और सम्मान
जानू अब सिर्फ़ एक नाम नहीं, एक आवाज़ बन चुकी थी। उसने अपने जैसे कई ट्रांसजेंडरों के लिए एक सहायता केंद्र खोला। वहां वो उन्हें शिक्षा, स्किल्स और आत्मसम्मान देती है। आज जानू सरकारी पैनल में ट्रांसजेंडर प्रतिनिधि बन चुकी है। पहले कभी जिस समाज ने उसे अपनाया नहीं, अब वही समाज उसे बुलाकर सम्मान देता है।
क्या होती है वेंट्रिलो क्विज्म आर्ट?
वेंट्रिलो क्विज्म, जिसे “बोलती कठपुतली कला” भी कहा जाता है, एक कला है जिसमें कलाकार बिना होंठ हिलाए आवाज निकालने में सक्षम होता है, जिससे ऐसा लगता है कि आवाज किसी और चीज से आ रही है, जैसे कि एक पपेट।
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