PM Modi Pariksha Pe Charcha 2026: देशभर के छात्रों के लिए आज का दिन खास रहा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा 2026 के 9वें संस्करण (PM Modi Pariksha Pe Charcha 2026) में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से सीधा संवाद किया। यह कार्यक्रम उन लाखों छात्रों के लिए मार्गदर्शक बना, जो परीक्षा के तनाव, करियर की उलझनों और भविष्य की दिशा को लेकर असमंजस में रहते हैं। इस साल परीक्षा पे चर्चा को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के लिए चार करोड़ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जो इसकी लोकप्रियता और जरूरत को दर्शाता है।
खुद पर विश्वास सबसे बड़ा हथियार: पीएम मोदी
कार्यक्रम की शुरुआत में पीएम मोदी ने छात्रों को सबसे अहम सीख देते हुए कहा, ‘आपके माता-पिता, शिक्षक या दोस्त कुछ भी कहें, लेकिन सबसे पहले आपको खुद पर भरोसा होना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि परीक्षा को जीवन का अंत नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा मानना चाहिए। साथ ही जो भी सुझाव मिलें, उन्हें ध्यान से सुनें, लेकिन अंतिम फैसला अपने अनुभव और समझ के आधार पर लें।
स्किल ज्यादा जरूरी या मार्क्स? पीएम का संतुलन मंत्र
छात्रों के सबसे अहम सवाल – स्किल या मार्क्स, क्या ज्यादा जरूरी है? इस पर पीएम मोदी ने संतुलन की बात कही। उन्होंने बताया कि स्किल दो तरह की होती है-
- लाइफ स्किल
- प्रोफेशनल स्किल
पीएम मोदी ने (PM Modi Pariksha Pe Charcha 2026) कहा कि स्किल की शुरुआत ज्ञान से होती है, लेकिन सिर्फ किताबों का ज्ञान काफी नहीं है। जीवन में आगे बढ़ने के लिए व्यवहार, सोच और निर्णय लेने की क्षमता भी उतनी ही जरूरी है।
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AI का सही इस्तेमाल सीखें, डरें नहीं
जब छात्रों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर सवाल किया, तो पीएम मोदी ने इसे डरने की नहीं, समझदारी से अपनाने की सलाह दी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि छात्र AI से पूछ सकते हैं- ‘मेरी उम्र और रुचि के अनुसार मुझे 10 बेहतरीन बायोग्राफी सुझाइए।’ पीएम ने (PM Modi Pariksha Pe Charcha 2026) स्पष्ट किया कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सीखने और खुद को बेहतर बनाने के लिए करें, न कि समय बर्बाद करने के लिए।
सस्ता इंटरनेट, लेकिन समय सबसे कीमती
पीपीसी के दौरान पीएम मोदी ने इंटरनेट के इस्तेमाल को लेकर भी अहम चेतावनी दी। उन्होंने कहा, ‘इंटरनेट सस्ता है, लेकिन आपका समय सबसे कीमती है, उसे बर्बाद मत कीजिए।’ उन्होंने छात्रों को डिजिटल डिस्ट्रैक्शन से बचने और ऑनलाइन कंटेंट को सोच-समझकर चुनने की सलाह दी।
पढ़ाई का पैटर्न अपना बनाइए, दूसरों की नकल नहीं
पीएम मोदी ने कहा कि हर छात्र का पढ़ने का तरीका अलग होता है। कोई रात में बेहतर पढ़ता है, तो कोई सुबह। उन्होंने कहा, ‘किसी के कहने पर मत चलिए, अपने अनुभव से तय कीजिए कि आपके लिए क्या सही है।’ अपने पढ़ाई के पैटर्न को पहचानना ही तनाव से बचने की कुंजी है।
उम्र नहीं, ऊर्जा मायने रखती है – पीएम का प्रेरक किस्सा
पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन से जुड़ा एक किस्सा साझा करते हुए छात्रों को सकारात्मक सोच का संदेश दिया। उन्होंने बताया, ’17 सितंबर को एक नेता ने कहा कि आपके 75 साल हो गए, तो मैंने कहा 25 अभी बाकी हैं। मैं बीते हुए को नहीं, बचे हुए को गिनता हूं।’ यह संदेश छात्रों के लिए प्रेरणा बना कि उम्र या असफलता नहीं, सोच मायने रखती है।
क्यों खास रहा परीक्षा पे चर्चा 2026?
परीक्षा पे चर्चा (PM Modi Pariksha Pe Charcha 2026) सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों के लिए मानसिक संबल बन चुका है। पीएम मोदी का सीधा संवाद छात्रों को यह एहसास कराता है कि परीक्षा से बड़ा जीवन है और जीवन में सबसे बड़ी ताकत आत्मविश्वास है।
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