By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Ujjain Mahakal VIP Darshan: उज्जैन से उठी मांग, दिल्ली में लगी न्याय की मुहर, महाकाल मंदिर में VIP दर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > Blog > मध्य प्रदेश > Ujjain Mahakal VIP Darshan: उज्जैन से उठी मांग, दिल्ली में लगी न्याय की मुहर, महाकाल मंदिर में VIP दर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख
मध्य प्रदेश

Ujjain Mahakal VIP Darshan: उज्जैन से उठी मांग, दिल्ली में लगी न्याय की मुहर, महाकाल मंदिर में VIP दर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख

Tej
Last updated: 2026-01-31 11:36 पूर्वाह्न
Tej Published 2026-01-31
Share
Ujjain Mahakal VIP Darshan
Ujjain Mahakal VIP Darshan: उज्जैन से उठी मांग, दिल्ली में लगी न्याय की मुहर, महाकाल मंदिर में VIP दर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख
SHARE

Ujjain Mahakal VIP Darshan: उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में VIP दर्शन व्यवस्था (Ujjain Mahakal VIP Darshan) को लेकर लंबे समय से विवाद चलता आ रहा है। आम श्रद्धालुओं की मांग रही है कि गर्भगृह में VIP और आम भक्तों के लिए अलग-अलग नियम न हों। इसी मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, लेकिन अब सर्वोच्च न्यायालय ने इसे खारिज कर दिया है। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि किसी मंदिर में VIP दर्शन की अनुमति हो या नहीं, यह तय करना अदालत का काम नहीं है। इस तरह की याचिकाओं को आगे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Contents
तीन जजों की बेंच ने सुनाया अहम फैसलायाचिका में क्या था मुख्य तर्क?अनुच्छेद 14 का हवाला, लेकिन कोर्ट नहीं हुआ सहमतCJI सूर्यकांत की तीखी टिप्पणीसुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट संदेशक्यों अहम है यह फैसला?

तीन जजों की बेंच ने सुनाया अहम फैसला

इस मामले की सुनवाई तीन जजों की पीठ ने की, जिसकी अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत कर रहे थे। बेंच में जस्टिस महादेवन और जस्टिस जॉयमाला बागची भी शामिल थे। याचिकाकर्ता दर्पण अवस्थी इससे पहले इसी मुद्दे पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Ujjain Mahakal VIP Darshan) का दरवाजा खटखटा चुके थे, जहां उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। हाईकोर्ट के फैसले को ही अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

Read More: UGC के नए नियमों पर देशभर में विरोध, पहली बार बोले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, कहा- ‘किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा’

याचिका में क्या था मुख्य तर्क?

याचिकाकर्ता का कहना था कि महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में VIP लोगों को आसानी से प्रवेश मिल जाता है, जबकि आम श्रद्धालुओं को दूर से ही दर्शन कर लौटना पड़ता है। उनका तर्क था कि-

  • VIP श्रद्धालु शिवलिंग पर जलाभिषेक कर पाते हैं
  • आम भक्तों को यह अधिकार नहीं मिलता
  • यह समानता के अधिकार का उल्लंघन है

याचिका में मांग की गई थी कि या तो गर्भगृह में सभी के लिए प्रवेश बंद किया जाए, या फिर सभी श्रद्धालुओं को समान अवसर दिया जाए।

Ujjain Mahakal VIP Darshan
Ujjain Mahakal VIP Darshan

अनुच्छेद 14 का हवाला, लेकिन कोर्ट नहीं हुआ सहमत

याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में (Ujjain Mahakal VIP Darshan) पक्ष रखते हुए एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने दलील दी कि यह मामला संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) से जुड़ा है। उन्होंने कहा, ‘अगर किसी VIP को कलेक्टर के आदेश से गर्भगृह में जाने की अनुमति मिलती है, तो आम नागरिक को भी वही अधिकार मिलना चाहिए। VIP दर्शन के नाम पर भेदभाव नहीं किया जा सकता।’

CJI सूर्यकांत की तीखी टिप्पणी

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने (Ujjain Mahakal VIP Darshan) इस तर्क पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘गर्भगृह में किसे प्रवेश मिलेगा और किसे नहीं, यह तय करना अदालत का अधिकार क्षेत्र नहीं है।’ उन्होंने आगे कहा कि अगर अदालत इस तरह के मामलों में हस्तक्षेप करने लगे, तो-

  • कल अनुच्छेद 19 (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) का हवाला देकर
  • कोई मंत्र पढ़ने या पूजा कराने का अधिकार मांगने लगेगा
  • CJI ने साफ किया कि मंदिरों की आंतरिक व्यवस्थाओं पर फैसला लेने की जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन और प्रशासन की है, न कि न्यायालय की।

सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट संदेश

इस फैसले के जरिए सुप्रीम कोर्ट (Ujjain Mahakal VIP Darshan) ने यह स्पष्ट कर दिया है कि-

  • धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाएं तय करना कोर्ट का काम नहीं
  • हर असंतोष को संवैधानिक अधिकार का मामला नहीं बनाया जा सकता
  • न्यायपालिका को ऐसे विषयों में घसीटना उचित नहीं
  • कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि इस तरह की याचिकाओं से न्यायिक प्रणाली पर अनावश्यक बोझ बढ़ता है।

क्यों अहम है यह फैसला?

यह फैसला (Ujjain Mahakal VIP Darshan) इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि-

  • यह धार्मिक स्थलों की स्वायत्तता को मजबूती देता है
  • VIP दर्शन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर न्यायिक सीमा तय करता है
  • भविष्य में इसी तरह की याचिकाओं पर नजीर बनेगा

Also Read: सर्दियों में डिहाइड्रेशन क्यों है ज्यादा खतरनाक? जानें खुद को हाइड्रेट रखने का सबसे स्मार्ट फॉर्मूला

You Might Also Like

Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: स्टारडम काम नहीं आया, चेक बाउंस केस में अभिनेता राजपाल यादव ने किया तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण

MP Government : मध्य प्रदेश के ढाई लाख संविदाकर्मियों को बड़ी राहत, 10 साल से अधिक सेवा वालों के नियमितीकरण की प्रक्रिया तेज

Supreme Court Order News: लड़कियों के अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, स्कूलों में टॉयलेट और सैनिटरी पैड अनिवार्य

Supreme Court Stray Dogs Case: आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का अहम मोड़, देशभर में बहस के बीच SC ने सुरक्षित रखा आदेश

UGC regulations Supreme Court: UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, ‘अस्पष्ट परिभाषा से दुरुपयोग का खतरा’, 2012 के नियम बहाल

TAGGED:Article 14Constitutional LawEquality DebateIndian JudiciaryMahakal TempleMahakal VIP DarshanReligious RightsSupreme Court VerdictTemple AdministrationUjjain NewsVIP Darshan
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
PM Modi Visit Punjab
ताज़ा खबरेपंजाब

PM Modi Visit Punjab: पंजाब को हवाई कनेक्टिविटी और सामाजिक समरसता की सौगात, गुरु रविदास जयंती पर पीएम मोदी का जालंधर दौरा

Gajendra Singh Tanwar Gajendra Singh Tanwar 2026-02-01
Union Budget 2026: संसद में बजट के बाद दिखे राजनीति के हल्के-फुल्के पल, सत्ता और विपक्ष में हंसी की गूंज
Budget 2026: उत्तर प्रदेश पर मेहरबान बजट 2026, महिलाओं- युवाओं-दिव्यांगों के लिए बड़ी घोषणाएं
Commercial LPG Price Hike: बजट से पहले महंगाई की एंट्री, कॉमर्शियल LPG सिलेंडर 50 रुपये महंगा, होटल-रेस्टोरेंट पर बढ़ा दबाव
UP News: निवेशकों को योगी सरकार की गारंटी, अपराध करेगा तो पुलिस देगी सीधा जवाब
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Contact Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?