Mohan Yadav Helicopter Incident: मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के पंधाना में शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर टेकऑफ के दौरान अस्थिर हो गया। कुछ पल के लिए ऐसा लगा मानो कोई बड़ा हादसा (Mohan Yadav Helicopter Incident) हो सकता है। हालांकि पायलट की सूझबूझ से स्थिति संभल गई और हेलीकॉप्टर सुरक्षित रूप से उड़ान भरने में सफल रहा। घटना के समय मौके पर मौजूद अफसरों और कार्यकर्ताओं की सांसें थम गई थीं।
पंधाना में कार्यक्रम के बाद हुआ घटनाक्रम
डॉ. मोहन यादव शनिवार को खंडवा जिले के पंधाना में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। यहां उन्होंने महिला सशक्तिकरण से जुड़ी अहम योजना के तहत लाभार्थियों के खातों में राशि ट्रांसफर की। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री हेलीपैड पहुंचे और वापसी के लिए हेलीकॉप्टर में सवार हुए। जैसे ही हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरनी शुरू की, वह जमीन से लगभग 15 से 20 फीट ऊपर उठकर अचानक डगमगाने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करीब एक मिनट तक हेलीकॉप्टर हवा में अस्थिर रहा और थोड़ा पीछे की ओर झुकता दिखाई दिया।
वीडियो सामने आने के बाद बढ़ी चर्चा
घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें टेकऑफ के दौरान हेलीकॉप्टर के असंतुलित (Mohan Yadav Helicopter Incident) होने की झलक दिखाई देती है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हेलीकॉप्टर कुछ क्षणों के लिए नीचे की ओर आता प्रतीत होता है। हालांकि थोड़ी देर बाद पायलट ने नियंत्रण स्थापित कर लिया और हेलीकॉप्टर ने सामान्य तरीके से उड़ान भर ली। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर इसे तकनीकी या हवा के दबाव में अचानक बदलाव से जुड़ी स्थिति माना जा रहा है। आधिकारिक तौर पर विस्तृत जांच के बाद ही कारण स्पष्ट हो सकेगा।
‘लाड़ली बहना’ कार्यक्रम में बड़ी सौगात
इससे पहले पंधाना में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना योजना के तहत प्रदेश की 1.27 करोड़ महिलाओं के खातों में एक क्लिक से 1836 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की। केवल खंडवा जिले की ही 2 लाख 12 हजार से अधिक महिलाओं को इस किस्त का लाभ मिला। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला, किसान और युवा कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का जिक्र किया।
608 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि प्रदेश में विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में 608 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमि पूजन भी किया गया। इन परियोजनाओं में बुनियादी ढांचे, सिंचाई, सड़क और अन्य विकास कार्य शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
क्या थी तकनीकी वजह?
हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक किसी बड़ी तकनीकी खराबी की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार टेकऑफ के दौरान हवा की दिशा और दबाव में अचानक बदलाव से भी हेलीकॉप्टर (Mohan Yadav Helicopter Incident) कुछ समय के लिए अस्थिर हो सकता है। अक्सर ऐसे मामलों में पायलट की तत्परता और अनुभव ही स्थिति को संभालने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इस घटना में भी पायलट ने समय रहते नियंत्रण स्थापित कर लिया, जिससे संभावित जोखिम टल गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल और वीवीआईपी उड़ानों की तकनीकी जांच को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई नुकसान नहीं हुआ और मुख्यमंत्री सुरक्षित अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। पंधाना में हुई यह घटना कुछ पलों के लिए चिंता का कारण जरूर बनी, लेकिन समय रहते हालात सामान्य हो गए। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और हेलीकॉप्टर भी सुरक्षित उड़ान (Mohan Yadav Helicopter Incident) भरने में कामयाब रहा। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर घटना के कारणों की समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
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