MP Ladli Behna Yojana 35th installment: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित ‘महिला सशक्तिकरण सम्मेलन’ इस बार सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़े संदेश के रूप में सामने आया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) ने राज्य की महत्वाकांक्षी ‘लाड़ली बहना योजना’ की 35वीं किस्त (Ladli Behna Yojana 35th installment) का सफल ट्रांसफर किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मंच से प्रदेश की महिलाओं को सम्मानित करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
35वीं किस्त में 1836 करोड़ रुपये सीधे खातों में ट्रांसफर
इस बार लाड़ली बहनों के खातों में कुल 1836 करोड़ रुपये की राशि (Ladli Behna Yojana 35th installment) ट्रांसफर की गई। यह राशि एक क्लिक के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई, जिससे लाखों महिलाओं के चेहरों पर खुशी झलक उठी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक इस योजना के तहत करीब 1.25 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। योजना की शुरुआत वर्ष 2023 में की गई थी और तब से यह लगातार हर महीने लागू की जा रही है।
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योजना की राशि में बढ़ोतरी – 1250 से 1500 रुपये तक का सफर
लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana 35th installment) की शुरुआत में महिलाओं को 1250 रुपये प्रति माह दिए जाते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 1500 रुपये प्रति माह कर दिया गया। यह बढ़ोतरी नवंबर से लागू हुई, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति में और सुधार देखने को मिला। सरकार का दावा है कि अब तक इस योजना के माध्यम से कुल 54,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी है। यह आंकड़ा इसे देश की सबसे बड़ी महिला सशक्तिकरण योजनाओं में से एक बनाता है।
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महिलाओं के जीवन में बदलाव की कहानी
इस योजना (Ladli Behna Yojana 35th installment) का सबसे बड़ा प्रभाव ग्रामीण और मध्यम वर्ग की महिलाओं के जीवन में देखने को मिला है। मासिक सहायता राशि से महिलाएं न केवल घरेलू खर्च संभाल रही हैं, बल्कि छोटी बचत और स्वरोजगार की ओर भी कदम बढ़ा रही हैं। कई महिलाओं ने बताया कि इस राशि से उन्होंने छोटे व्यवसाय जैसे सिलाई, पशुपालन और किराना कार्य शुरू किए हैं। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
विकास कार्यों का भी हुआ लोकार्पण और भूमिपूजन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल वित्तीय सहायता ही नहीं दी, बल्कि क्षेत्रीय विकास पर भी जोर दिया। लगभग 115 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। इन परियोजनाओं में शामिल हैं-
- सांदीपनि विद्यालय भवन निर्माण (आष्टा)
- पार्वती नदी पर घाट निर्माण
- जावर में नेवज नदी का पुनरुद्धार
- मेहतवाड़ा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
- सिद्दीगंज में उपतहसील भवन
- आष्टा में राजस्व कार्यालय
- आष्टा–शुजालपुर रोड पर पुल निर्माण
इन परियोजनाओं से क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, जल प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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सरकार का विजन – सिर्फ सहायता नहीं, आत्मनिर्भरता की ओर कदम
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार और कौशल विकास से जोड़ना है। आने वाले समय में महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम और रोजगार के अवसर बढ़ाने की योजना भी प्रस्तावित है। यह दृष्टिकोण इस योजना को एक कल्याणकारी कार्यक्रम से आगे बढ़ाकर आर्थिक सशक्तिकरण मॉडल के रूप में स्थापित करता है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
लाड़ली बहना योजना का यह 35वां चरण केवल एक वित्तीय लेन-देन नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में एक मजबूत कदम है। लगातार बढ़ती राशि, करोड़ों लाभार्थियों की भागीदारी और विकास परियोजनाओं के साथ यह स्पष्ट है कि सरकार महिला केंद्रित विकास मॉडल पर जोर दे रही है। आष्टा का यह कार्यक्रम ग्रामीण भारत में विकास और महिला सशक्तिकरण की एक नई तस्वीर पेश करता है, जहां आर्थिक सहायता के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की राह भी तैयार की जा रही है।
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