Amritsar Golden City: जब बात पंजाब की होती है, तो अमृतसर का नाम सबसे पहले याद आता है। यह केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि संस्कृति, इतिहास और स्वाद का भी एक संगम है। अमृतसर को ज्यादातर लोग ‘Golden City’ यानी स्वर्ण नगरी के नाम से जानते है, लेकिन इसकी वजह सिर्फ स्वर्ण मंदिर नहीं है बल्कि इस नाम के पीछे बहुत से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहलू भी छिपे हैं। चलिए जानते हैं वे कौन सी 5 वजहे हैं जो अमृतसर को वाकई ‘गोल्डन’ बनाती हैं।
1. गुरु रामदास जी द्वारा स्थापना
अमृतसर की नींव 15वीं सदी में सिख धर्म के चौथे गुरु, यानी गुरु रामदास जी ने रखी थी। इसका नाम ‘अमृत सरोवर’ यानी अमृत से भरे तालाब से प्रेरित होकर रखा गया था, जिसके चारों तरफ यह शहर बसा था। यही कारण है कि यह शहर एक पवित्र और ऐतिहासिक पहचान रखता है।

2. स्वर्ण मंदिर की भव्यता (Amritsar Golden City)
अमृतसर की सबसे बड़ी पहचान है हरमंदिर साहिब या स्वर्ण मंदिर। शायद आप में से बहुत लोग यह बात नहीं जानते कि इसकी छत और दीवारें असली सोने से बनी हुई हैं, जो सूरज की रोशनी में सुनहरी आभा बिखेरती हैं। यहां रोजाना लगभग एक से डेढ़ लाख श्रद्धालु लंगर ग्रहण करते हैं, जो सेवा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण है।

3. लाजवाब पंजाबी खानपान
अमृतसर का नाम आते ही लस्सी, छोले-भटूरे, अमृतसरी कुलचा, सरसों का साग-मक्के दी रोटी की याद आ जाती है। यहां का स्वाद लोगों को बार-बार खींच लाता है।

4. ऐतिहासिक गलियों की संस्कृति (Amritsar Golden City)
अमृतसर की गलियों में आज भी पुराने बाजार, लोक कलाएं और हस्तशिल्प ज़िंदा हैं। यहां घूमना मानो इतिहास की गलियों से गुजरना हो। इस शहर को बैसाखी और दिवाली जैसे त्योहार और रंगीन बना देते हैं।
5. दिलों को छू लेने वाला आतिथ्य
यह शहर न केवल सोने जैसा चमकता है, बल्कि लोगों का अपनापन इसे और भी खास बना देता हैं। अमृतसर हर किसी को दिल से अपना लेता है।
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