Nitin Nabin BJP President: भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक इतिहास में सोमवार का दिन खास बन गया, जब नितिन नबीन का निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाना तय हो गया। महज 45 वर्ष की उम्र में यह जिम्मेदारी संभालने वाले नितिन नबीन (Nitin Nabin BJP President) न केवल बीजेपी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे, बल्कि बिहार से इस पद तक पहुंचने वाले पहले नेता भी बन गए हैं। उनका राजनीतिक सफर अनुभव, संगठन और जमीनी राजनीति का ऐसा मेल है, जो बीजेपी में एक नए युग की आहट देता है।
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Nitin Nabin BJP President: युवा मोर्चा से शीर्ष नेतृत्व तक का सफर
नितिन नबीन की राजनीति की शुरुआत बीजेपी की युवा इकाई से हुई। राजनीति उनके लिए विरासत जरूर थी, लेकिन राह आसान नहीं थी। पिता और बीजेपी के दिग्गज नेता नबीन (Nitin Nabin BJP President) किशोर सिन्हा के निधन के बाद 26 साल की उम्र में उन्हें पटना पश्चिम विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा गया। यह फैसला जोखिम भरा माना गया, लेकिन नतीजे ने सबको चौंका दिया। नबीन ने लगभग 60 हजार वोटों से जीत दर्ज की।
इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। बदले नाम वाले बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से वे लगातार पांच बार विधायक चुने गए और हर चुनाव में भारी अंतर से जीत हासिल की।

पढ़ाई अधूरी, राजनीति पूरी प्रतिबद्धता के साथ
राजनीति में सक्रिय होने के लिए नितिन नबीन को अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। शुरुआती दौर में उन्हें ‘राजनीतिक बाहरी’ के तौर पर देखा गया, लेकिन सरल स्वभाव, संगठनात्मक क्षमता और जनता से सीधे संवाद ने उन्हें जल्द ही स्थापित नेता बना दिया।
वे बिहार सरकार में कई बार मंत्री रहे और लोक निर्माण विभाग (PWD) जैसे अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाली। प्रशासनिक अनुभव ने उनकी छवि एक कार्यशील और निर्णयक्षम नेता की बनाई।
कार्यकारी अध्यक्ष से राष्ट्रीय कमान तक
14 दिसंबर को नितिन नबीन को बीजेपी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इसके बाद उन्होंने बिना समय गंवाए काम शुरू किया। तमिलनाडु, केरल, असम जैसे राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक मजबूती की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर रही।
उनकी नियुक्ति को पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव के रूप में देखा जा रहा है ऐसा बदलाव, जो युवा नेतृत्व को आगे लाकर बीजेपी की राष्ट्रीय पकड़ और मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
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संगठन के प्रति विनम्रता और कार्यकर्ताओं पर भरोसा
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने से पहले एक कार्यक्रम में नितिन नबीन (Nitin Nabin BJP President) ने कहा था, ‘मैं उन कार्यकर्ताओं के सामने नतमस्तक हूं, जिनकी मेहनत से कई नितिन नबीन पैदा होते हैं।’ यह बयान उनकी राजनीति की शैली को दर्शाता है, जहां संगठन और कार्यकर्ता केंद्र में हैं।
राज्य से बाहर भी मजबूत छाप
नितिन नबीन को छत्तीसगढ़ और सिक्किम के प्रभारी के रूप में काम करने का अनुभव है। खासकर छत्तीसगढ़ में बीजेपी के संगठनात्मक पुनरुद्धार में उनकी भूमिका को पार्टी के भीतर काफी सराहा जाता है। यही कारण है कि उन्हें सिर्फ बिहार का नेता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर का संगठनकर्ता माना जाने लगा।
व्यक्तिगत जीवन और सादगी
रांची में जन्मे नितिन नबीन (Nitin Nabin BJP President) का विवाह दीपमाला श्रीवास्तव से हुआ है। उनके एक बेटा और एक बेटी हैं। निजी जीवन में वे सादगी पसंद करते हैं और मीडिया से दूरी बनाए रखते हैं यही वजह है कि उनकी तरक्की ज्यादा शोर के बिना, लेकिन ठोस काम के आधार पर हुई।
बीजेपी अध्यक्ष पद की विरासत
बीजेपी के गठन (1980) के बाद अटल बिहारी वाजपेयी पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। इसके बाद लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कुशाभाऊ ठाकरे, वेंकैया नायडू, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अमित शाह और जेपी नड्डा जैसे दिग्गजों ने यह जिम्मेदारी संभाली। अब इस सूची में नितिन नबीन का नाम जुड़ना पार्टी की दिशा में नई सोच और नई ऊर्जा का संकेत है।
अनुभव और युवा जोश का संतुलन
नितिन नबीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष (Nitin Nabin BJP President) बनना सिर्फ एक व्यक्ति की पदोन्नति नहीं, बल्कि बीजेपी की रणनीतिक सोच का हिस्सा है। अनुभव, संगठन, चुनावी सफलता और युवा जोश इन चारों का संतुलन उन्हें आने वाले वर्षों में बीजेपी की राजनीति का अहम चेहरा बना सकता है।
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