Gold Silver Update: इस हफ्ते घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और वैश्विक हालात के चलते दोनों कीमती धातुओं में तेज़ उछाल देखने को मिला। जहां सोना 4,471 बढ़कर 1,41,593 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया, वहीं चांदी 39,082 रुपये की छलांग लगाकर 2,81,890 रुपये प्रति किलो के स्तर पर आ गई है।
एक हफ्ते में कितना महंगा हुआ सोना-चांदी? (Gold Silver Update)
बीते हफ्ते यानी 9 जनवरी को 24 कैरेट सोना 1,37,122 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो अब बढ़कर 1,41,593 रुपये हो गया है। वहीं चांदी की कीमत 2,42,808 रुपये प्रति किलो से उछलकर 2,81,890 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। यानी महज एक सप्ताह में निवेशकों को दोनों धातुओं में ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली।
2025 में सोना 75% और चांदी 167% महंगी
अगर पूरे साल 2025 की बात करें, तो कीमती धातुओं ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है।
- सोना – 31 दिसंबर 2024 को 24 कैरेट सोना 76,162 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 31 दिसंबर 2025 को 1,33,195 रुपये हो गया।
इस तरह सोना 57,033 रुपये (करीब 75%) महंगा हुआ। - चांदी – 31 दिसंबर 2024 को चांदी 86,017 रुपये प्रति किलो थी, जो 2025 के अंत तक 2,30,420 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। यानि चांदी ने 1,44,403 रुपये (करीब 167%) की जबरदस्त बढ़त दर्ज की।

सोने की कीमतों में तेजी के 3 बड़े कारण (Gold Silver Update)
1. डॉलर की कमजोरी
अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती के संकेत मिलने से डॉलर कमजोर हुआ। डॉलर कमजोर होने से सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम हो जाती है, जिससे निवेशक सोने की ओर आकर्षित होते हैं।
2. जियोपॉलिटिकल तनाव
रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व समेत दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ते तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्प खोजने पर मजबूर किया। ऐसे समय में सोना सबसे भरोसेमंद निवेश माना जाता है।
3. सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी
चीन समेत कई देश अपने रिजर्व बढ़ाने के लिए सोना खरीद रहे हैं। सालभर में 900 टन से ज्यादा सोने की खरीद ने कीमतों को लगातार ऊपर बनाए रखा।
चांदी में रिकॉर्ड तेजी के 3 प्रमुख कारण
1. इंडस्ट्रियल डिमांड में उछाल
चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी तक सीमित नहीं रही। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर में इसके बढ़ते इस्तेमाल ने मांग को आसमान पर पहुंचा दिया है।
2. ट्रंप के टैरिफ का डर
अमेरिका में संभावित टैरिफ नीतियों को लेकर डर के चलते कंपनियां चांदी का बड़ा स्टॉक जमा कर रही हैं। इससे ग्लोबल सप्लाई घट रही है और कीमतें ऊपर चढ़ रही हैं।
3. मैन्युफैक्चरर्स की होड़
भविष्य में सप्लाई रुकने की आशंका के चलते मैन्युफैक्चरर्स पहले से खरीदारी कर रहे हैं। इसी वजह से आने वाले महीनों में भी चांदी की कीमतों में मजबूती बनी रहने की उम्मीद है।
सोना खरीदते समय इन 2 जरूरी बातों का रखें ध्यान
1. हमेशा सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें
सोना खरीदते समय BIS (Bureau of Indian Standards) हॉलमार्क जरूर देखें। हॉलमार्क अल्फान्यूमेरिक कोड (जैसे AZ4524) में होता है, जिससे सोने की शुद्धता और कैरेट की पुष्टि होती है।
2. कीमत जरूर क्रॉस-चेक करें
खरीद के दिन सोने का भाव अलग-अलग सोर्स से जांच लें, जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वेबसाइट। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतें अलग-अलग होती हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा हालात में सोना और चांदी दोनों ही मजबूत बने रह सकते हैं। हालांकि ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली का जोखिम भी है, इसलिए निवेश से पहले अपनी जरूरत और जोखिम क्षमता जरूर समझें।



