Jharkhand Budget 2026-27: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी बजट पेश किया है। ‘अबुआ दिशोम बजट’ (Jharkhand Budget 2026-27) नाम से प्रस्तुत इस दस्तावेज को समावेशी, सतत और जनकल्याणकारी विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया गया है। राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य गरीबों के आंसू पोंछना और हर नागरिक के चेहरे पर मुस्कान लाना है। पिछले वर्ष के 1,45,400 करोड़ रुपये के बजट की तुलना में इस बार लगभग 9 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
शिक्षा और युवा सशक्तीकरण पर जोर
बजट (Jharkhand Budget 2026-27) में शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है। 100 नए ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, जहां 2027-28 से सीबीएसई तर्ज पर पढ़ाई होगी। शहीदों के आश्रितों के लिए एक आदर्श स्कूल स्थापित करने की घोषणा भी की गई है। चतरा जिले में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही पांच नए बालिका आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे दो धनबाद में और एक-एक पलामू, लातेहार और गढ़वा में। प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा के लिए 16,251.43 करोड़ रुपये और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए 2,564.45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
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महिला सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा
महिला कल्याण योजनाओं में सबसे बड़ा आवंटन किया गया है। ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ के तहत 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को 2,500 रुपये प्रतिमाह देने के लिए 14,065.57 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। सर्वजन पेंशन योजना पर 3,517.23 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय पेंशन योजनाओं पर 1,463.58 करोड़ रुपये खर्च होंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग का कुल बजट 22,995.69 करोड़ रुपये रखा गया है। इसके अतिरिक्त ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को कृषि आधारित आय में सहयोग मिलेगा।
स्वास्थ्य और ग्रामीण ढांचा
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 7,990.30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कैंसर उपचार के लिए 200 करोड़ रुपये की विशेष योजना शुरू करने और 750 ‘अबुआ दवाखाना’ खोलने का लक्ष्य तय किया गया है। ‘अबुआ आवास योजना’ के तहत 4,100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि सखी मंडलों के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ‘पलाश’ ब्रांड पर 66 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
कृषि और सिंचाई को मजबूती
कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए बिरसा बीज उत्पादन योजना (Jharkhand Budget 2026-27) का आवंटन बढ़ाकर 145 करोड़ रुपये किया गया है। मृदा एवं जल संरक्षण योजनाओं पर 475.50 करोड़ रुपये, सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई के लिए 75 करोड़ रुपये और कृषि यंत्र वितरण के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि कृषि निवेश से ग्रामीण आय में वृद्धि होगी और पलायन पर भी अंकुश लगेगा।
केंद्र पर आर्थिक सहयोग में कमी का आरोप
बजट (Jharkhand Budget 2026-27) भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार पर आर्थिक सहयोग में कमी का आरोप लगाया। उनके अनुसार, कर हिस्सेदारी और अनुदान मद में लगभग 16,000 करोड़ रुपये कम प्राप्त हुए हैं। जीएसटी दर युक्तिकरण से राज्य को हर वर्ष लगभग 4,000 करोड़ रुपये की क्षति हो रही है। मनरेगा में 60:40 अनुपात लागू होने से 5,640 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। कोल कंपनियों पर 1.36 लाख करोड़ रुपये बकाया होने का भी जिक्र किया गया।
विकास दर और ऋण स्थिति
राज्य की विकास दर 2022-23 में 7.2 प्रतिशत थी, जो 2023-24 में 7.5 प्रतिशत तक पहुंची। 2025-26 में इसके 7.72 प्रतिशत रहने का अनुमान है। 2026-27 में स्थिर मूल्यों पर 6.90 प्रतिशत और वर्तमान मूल्यों पर 10.03 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। ऋण-जीएसडीपी अनुपात में भी गिरावट दर्ज की गई है—2021-22 के 30.2 प्रतिशत से घटकर 2024-25 में 25.3 प्रतिशत तक आ गया है।
राजनीतिक संदेश और आर्थिक संकेत
‘अबुआ दिशोम’ बजट को केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है। महिला सम्मान, शिक्षा विस्तार और ग्रामीण निवेश के जरिए सरकार ने सामाजिक आधार को मजबूत करने की रणनीति अपनाई है। अब देखना होगा कि घोषित योजनाएं जमीन पर कितनी प्रभावी ढंग से लागू होती हैं और आर्थिक अनुमानों पर राज्य कितना खरा उतर पाता है।
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