US ready to Attack on Iran: मिडिल ईस्ट एक बार फिर जंग के मुहाने पर खड़ा नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब सिर्फ कूटनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सैन्य स्तर पर भी इसके गंभीर संकेत दिखने लगे हैं। अमेरिकी जंगी जहाजों की तैनाती और खुफिया रिपोर्ट्स ने पूरे क्षेत्र में बेचैनी बढ़ा दी है।
अमेरिका का सबसे एडवांस एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln पश्चिम एशिया के समुद्री इलाके में पहुंच चुका है। इसी के साथ ऐसी रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं कि वॉशिंगटन ने ईरान के भीतर संभावित हमलों के लिए ठिकानों की पहचान कर ली है। हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि अयातुल्ला खामेनेई की सत्ता की नींव पर खतरा मंडराने लगा है।
US ready to Attack on Iran- USS अब्राहम लिंकन की तैनाती से बढ़ा तनाव
अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ा दिया है। USS Abraham Lincoln के साथ तीन अत्याधुनिक वॉरशिप्स को भी तैनात किया गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि यह तैनाती ‘क्षेत्रीय सुरक्षा’ के मद्देनजर की गई है, लेकिन पश्चिमी मीडिया इसे संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी मान रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान में इस तैनाती के बाद हड़कंप मच गया है। पहले ही खबरें सामने आ चुकी हैं कि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई बंकर में शरण ले चुके हैं और सत्ता की कमान उनके बेटे संभाल रहे हैं।
US ready to Attack on Iran- ईरान पर हमले का ब्लूप्रिंट तैयार
पश्चिमी मीडिया सूत्रों का दावा है कि अमेरिका ने ‘सटीक और सीमित’ हमलों की रणनीति तैयार कर ली है। इन हमलों के निशाने पर ईरान के वे वरिष्ठ अधिकारी बताए जा रहे हैं, जिन्होंने हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान दमनकारी भूमिका निभाई थी। हालांकि ट्रंप प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि यह कार्रवाई कभी भी हो सकती है। कहा जा रहा है कि यह हमला इसी हफ्ते अंजाम दिया जा सकता है।
क्यों अभी चुना गया ईरान पर कार्रवाई का वक्त?
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इस समय ईरान अपनी सबसे कमजोर स्थिति में है। 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद पहली बार ऐसा दौर बताया जा रहा है, जब ईरान गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है। सरकार की सत्ता पर पकड़ कमजोर हुई है। अंतरराष्ट्रीय दबाव चरम पर है। डोनाल्ड ट्रंप को इन हालात की विस्तृत जानकारी दी गई है और उन्होंने पहले ही ईरान को सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है।
US ready to Attack on Iran- यूएई ने खींची लाल रेखा
अमेरिकी सैन्य हलचल के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने बड़ा बयान देकर स्थिति और संवेदनशील बना दी है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि वह अपनी जमीन, हवाई क्षेत्र, समुद्री सीमा का इस्तेमाल ईरान पर किसी भी हमले के लिए नहीं होने देगा। यूएई के बयान में कहा गया कि देश ‘अपनी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है’ और वह किसी भी शत्रुतापूर्ण सैन्य कार्रवाई का हिस्सा नहीं बनेगा।
US ready to Attack on Iran- ईरान की अमेरिका को सख्त चेतावनी
ईरान ने भी अमेरिका को दो टूक चेतावनी दी है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा, ‘अगर ईरान पर किसी भी तरह का हमला हुआचाहे वह सीमित हो या सटीकउसे पूरी जंग माना जाएगा और जवाब बेहद कठोर होगा।’ ईरानी अधिकारी के अनुसार, देश की सेना हाई अलर्ट पर है और किसी भी हालात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
US ready to Attack on Iran- पिछले अनुभवों से बढ़ी चिंता
यह पहला मौका नहीं है जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ इस तरह का सैन्य जमावड़ा किया हो। पिछले साल भी परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव बढ़ने पर अमेरिका ने B-2 बॉम्बर्स के जरिए ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। मौजूदा हालात उस दौर की याद दिला रहे हैं, जिससे वैश्विक चिंता और बढ़ गई है।
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मिडिल ईस्ट के लिए कितना खतरनाक होगा यह टकराव?
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच सीधी जंग छिड़ती है, तो इसका असर सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा। पूरा मिडिल ईस्ट इसकी चपेट में आ सकता है और वैश्विक तेल बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति तक बड़ा भूचाल आ सकता है।



