Trump Canada Tariff Threat: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी आक्रामक ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति का खुला प्रदर्शन करते हुए कनाडा को कड़ी चेतावनी (Trump Canada Tariff Threat) दी है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर कनाडा ने चीन के साथ कोई भी व्यापार समझौता किया, तो अमेरिका कनाडा से आने वाले सभी उत्पादों पर 100 फीसदी टैरिफ लगा देगा। इस बयान के बाद उत्तर अमेरिका ही नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मच गई है। ट्रंप का आरोप है कि कनाडा खुद को चीन के लिए एक ऐसे रास्ते के रूप में पेश कर रहा है, जिसके जरिए चीनी सामान अमेरिकी बाजारों तक पहुंच सकता है। उनके मुताबिक, यह अमेरिका की आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर खतरा है।
‘ड्रॉप ऑफ पोर्ट’ बयान से बढ़ी तल्खी
डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि अगर उन्होंने कनाडा को चीन का ‘ड्रॉप ऑफ पोर्ट’ बनने दिया, तो यह उनकी ‘सबसे बड़ी रणनीतिक गलती’ होगी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ऐसे किसी भी समझौते की स्थिति में अमेरिका कनाडा से आने वाले हर प्रोडक्ट पर भारी टैरिफ लगाएगा। ट्रंप का यह बयान सिर्फ चेतावनी (Trump Canada Tariff Threat) नहीं, बल्कि एक तरह का आर्थिक अल्टीमेटम माना जा रहा है।
Read More: मुंबई में महापौर चुनाव टला, बदली सियासत, अधूरी प्रक्रिया और फरवरी में नए समीकरणों की आहट
सुरक्षा से लेकर मिसाइल डिफेंस तक विवाद
व्यापार के अलावा सुरक्षा मुद्दों पर भी अमेरिका और कनाडा के रिश्तों में तनाव साफ दिख रहा है। ट्रंप ने ग्रीनलैंड में प्रस्तावित ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल डिफेंस प्रोजेक्ट को खारिज करने के कनाडा के रुख पर नाराजगी जताई है। ट्रंप का दावा है कि यह मिसाइल डिफेंस सिस्टम कनाडा की सुरक्षा को भी मजबूत करेगा, लेकिन कनाडा अमेरिकी सुरक्षा हितों को नजरअंदाज कर चीन के साथ रिश्ते गहराने में लगा है। ट्रंप के मुताबिक, ऐसे समय में जब वैश्विक सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं, कनाडा का यह रुख (Trump Canada Tariff Threat) अमेरिका को स्वीकार नहीं है।

दावोस में कार्नी के बयान से भड़के ट्रंप
इस पूरे विवाद की जड़ वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में दिए गए कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बयान को भी माना जा रहा है। दावोस में कार्नी ने अमेरिकी दबदबे वाली वैश्विक व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। कार्नी ने कहा था कि दुनिया अब उस दौर में प्रवेश कर चुकी है जहां दशकों पुरानी नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था कमजोर पड़ रही है। उन्होंने अमेरिका पर इशारों-इशारों में आरोप लगाया कि वह अपनी मर्जी बाकी देशों पर थोपने की कोशिश कर रहा है। कार्नी ने यह भी कहा कि मध्यम और उभरते देशों को अब एकजुट होकर काम करना होगा। इन बयानों को ट्रंप ने सीधे तौर पर अमेरिका की वैश्विक भूमिका को चुनौती के रूप में लिया है।
कनाडा की अर्थव्यवस्था पर मंडराता खतरा
ट्रंप की 100 फीसदी टैरिफ की धमकी ने कनाडा की अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। अमेरिका, कनाडा का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। अगर अमेरिकी बाजार में कनाडाई उत्पादों पर इतना भारी टैरिफ (Trump Canada Tariff Threat) लगाया जाता है, तो कनाडा का निर्यात बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, कृषि और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा झटका लग सकता है। हजारों नौकरियों पर भी संकट खड़ा हो सकता है।
‘अमेरिका फर्स्ट’ पर कोई समझौता नहीं – ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति से किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि अमेरिका के बाजार और सुरक्षा (Trump Canada Tariff Threat) से समझौता करने वाले किसी भी देश को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। अब सवाल यह है कि क्या कनाडा चीन के साथ रिश्ते आगे बढ़ाएगा या फिर अमेरिकी दबाव के आगे झुकेगा। आने वाले दिनों में यह टकराव वैश्विक व्यापार संतुलन को नई दिशा दे सकता है।
Read More: गणतंत्र दिवस पर IPS संदीप सिंह चौहान को मिलेगा महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क सम्मान, राजस्थान पुलिस के लिए गौरवपूर्ण क्षण



