Masoud Khamenei Role: अमेरिका की ओर से संभावित हवाई हमले की आशंका के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के एक फैसले ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। सुरक्षा कारणों से अंडरग्राउंड बंकर में शिफ्ट हुए खामेनेई ने प्रशासनिक और रणनीतिक फैसलों की अहम जिम्मेदारी अपने तीसरे बेटे मसूद खामेनेई को सौंप दी है। यह कदम केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे ईरान की सत्ता संरचना और भविष्य के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।
53 वर्षीय मसूद खामेनेई को अस्थायी तौर पर सुप्रीम लीडर के दफ्तर के कामकाज की निगरानी सौंपी गई है। सवाल यह उठ रहा है कि जब खामेनेई के अन्य बेटे भी प्रभावशाली माने जाते हैं, तो फिर मसूद को ही यह जिम्मेदारी क्यों दी गई? इसके पीछे कई राजनीतिक, धार्मिक और रणनीतिक कारण बताए जा रहे हैं।
Masoud Khamenei Role:भरोसे और वफादारी का सबसे मजबूत आधार
अमेरिकी हमले की आशंका के बीच खामेनेई को ऐसे व्यक्ति की जरूरत थी, जिस पर किसी भी तरह का संदेह न हो। सत्ता के सबसे नाजुक दौर में परिवार के सदस्य पर भरोसा करना ईरान की राजनीतिक परंपरा के अनुरूप भी है। मसूद खामेनेई को लो-प्रोफाइल लेकिन बेहद भरोसेमंद प्रशासक माना जाता है। वे मीडिया की चकाचौंध और सार्वजनिक राजनीति से दूर रहते हैं, जिससे उन्हें विवादों से अलग रखा जा सकता है।
Masoud Khamenei Role: सुप्रीम लीडर के संस्थानों में पहले से निभा रहे हैं भूमिका
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मसूद पहले से ही अपने पिता से जुड़ी कई धार्मिक और वैचारिक संस्थाओं के प्रशासनिक कामकाज में सक्रिय हैं। इनमें अयातुल्ला खामेनेई के विचारों और लेखन को संरक्षित करने वाले संस्थान, साथ ही सुप्रीम लीडर की आधिकारिक वेबसाइट की निगरानी शामिल है। यानी यह जिम्मेदारी उनके लिए बिल्कुल नई नहीं है, बल्कि मौजूदा हालात में उनकी भूमिका को औपचारिक रूप से और मजबूत किया गया है।
सत्ता के भीतर और बाहर दिया गया साफ संदेश
मसूद को जिम्मेदारी सौंपकर खामेनेई ने ईरान के भीतर और बाहर दोनों जगह यह संदेश दिया है कि सत्ता की असली कमान अब भी उनके परिवार के हाथ में है। किसी बाहरी ताकत या अंदरूनी गुट को इस संकट के समय सत्ता में दखल देने का मौका नहीं मिलेगा। यह फैसला सत्ता संतुलन बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
Masoud Khamenei Role:धार्मिक शिक्षा और प्रशासनिक अनुभव
मसूद खामेनेई ने ईरान के कुम शहर स्थित हौज़ा इल्मिया से धार्मिक शिक्षा हासिल की है, जो शिया इस्लाम का प्रमुख सेमिनरी केंद्र है। यहां उन्होंने इस्लामी कानून की पढ़ाई की। वे कुम के सेमिनरी शिक्षकों के संगठन से भी जुड़े रहे हैं और शाहिद मोताहरी यूनिवर्सिटी जैसे शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ा चुके हैं। उनकी पहचान एक ऐसे व्यक्ति की है, जो शिक्षा और मैनेजमेंट दोनों को समझता है।
Masoud Khamenei Role:उत्तराधिकार नहीं, बल्कि आपात व्यवस्था
विशेषज्ञों का साफ कहना है कि मसूद को यह जिम्मेदारी सौंपना उत्तराधिकार की औपचारिक घोषणा नहीं है। उन्हें सुप्रीम लीडर नहीं बनाया गया है, बल्कि यह एक अस्थायी और आपात व्यवस्था है, ताकि संकट के समय ईरान का प्रशासनिक सिस्टम बिना रुकावट चलता रहे।
Masoud Khamenei Role:खामेनेई का परिवार और सत्ता समीकरण
अयातुल्ला अली खामेनेई की कुल छह संतानें हैंचार बेटे और दो बेटियां। उनके बेटों में मुजतबा खामेनेई, मुस्तफा खामेनेई, मसूद खामेनेई और मेयसम खामेनेई शामिल हैं, जबकि बेटियों के नाम बोशरा खामेनेई और होदा खामेनेई हैं। खास तौर पर बड़े बेटे मुजतबा खामेनेई को ईरान की सत्ता व्यवस्था में सबसे प्रभावशाली चेहरा माना जाता रहा है, लेकिन मौजूदा हालात में मसूद का चयन खामेनेई की रणनीतिक सोच को दर्शाता है।



