Karachi Terror Attack: पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में शनिवार को एक बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित पाकिस्तान रेंजर्स के मुख्यालय के पास हुए फिदायीन हमले में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में सिंध रेंजर्स के 3 जवान भी शामिल हैं, जबकि कई अन्य लोगों के घायल होने की आशंका जताई जा रही है।
हमले के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार आतंकियों ने विस्फोटकों से भरे वाहन के जरिए मुख्य गेट को निशाना बनाया, जिसके बाद जोरदार धमाका हुआ और फिर भारी गोलीबारी शुरू हो गई। सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी और बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। (Karachi Terror Attack)
कैसे हुआ हमला?
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आतंकियों ने पहले रेंजर्स मुख्यालय के प्रवेश द्वार पर विस्फोट किया। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के क्षेत्रों में भी इसकी आवाज सुनाई दी। इसके तुरंत बाद आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई मिनटों तक लगातार (Karachi Terror Attack) गोलियों की आवाजें सुनाई देती रहीं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
3 रेंजर्स जवान शहीद, 3 आतंकी भी ढेर
सिंध पुलिस प्रमुख जावेद आलम ओधो ने बताया कि हमले में सिंध रेंजर्स के कम से कम तीन जवान शहीद हुए हैं। वहीं जवाबी कार्रवाई के दौरान तीन आतंकियों को भी मार गिराया गया।
अधिकारियों के मुताबिक मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कुछ घायलों की हालत (Karachi Terror Attack) गंभीर बताई जा रही है।
सुरक्षा बलों का बड़ा ऑपरेशन जारी
हमले के तुरंत बाद स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट (SSU), एंटी टेररिस्ट फोर्स (ATF), रैपिड रिस्पॉन्स फोर्स और पुलिस कमांडो को मौके पर भेजा गया। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और संदिग्धों की तलाश में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संभावित खतरे को खत्म (Karachi Terror Attack) करने के लिए अभियान जारी रहेगा।
संवेदनशील क्षेत्र में हुआ हमला
गुलिस्तान-ए-जौहर का यह इलाका कराची के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में गिना जाता है। यहां कई शैक्षणिक संस्थान, सरकारी कार्यालय और मौसम विभाग के महत्वपूर्ण केंद्र मौजूद हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में हुआ यह हमला सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकियों ने जानबूझकर (Karachi Terror Attack) ऐसे स्थान को चुना जहां सुरक्षा प्रतिष्ठान और नागरिक आबादी दोनों मौजूद हैं।
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रेस्क्यू टीमों को किया गया सक्रिय
धमाके की सूचना मिलते ही रेस्क्यू 1122 सिंध की टीमें मौके पर पहुंच गईं। घायलों को अस्पताल पहुंचाने और राहत कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन भी तैनात किए गए। प्रशासन ने आसपास के अस्पतालों को भी अलर्ट मोड पर रखा ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। (Karachi Terror Attack)
मुख्यमंत्री और गृह मंत्री ने मांगी रिपोर्ट
सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने घटना का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि हमले की प्रकृति और इसके पीछे शामिल तत्वों की जल्द पहचान की जाए। वहीं सिंध के गृह मंत्री जिया-उल-हसन लंजार ने भी अधिकारियों को तत्काल जांच (Karachi Terror Attack) रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
कराची में फिर बढ़ी आतंकवाद की चिंता
पिछले कुछ वर्षों में कराची में सुरक्षा स्थिति में सुधार देखने को मिला था, लेकिन इस हमले ने एक बार फिर आतंकवाद के खतरे को सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वाले ऐसे हमले यह संकेत देते हैं कि आतंकी संगठन अब भी सक्रिय हैं और बड़े हमलों को अंजाम (Karachi Terror Attack) देने की क्षमता रखते हैं।
जांच एजेंसियों की नजर हमले के मास्टरमाइंड पर
सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमले के पीछे कौन सा संगठन है और इसकी योजना कहां बनाई गई। जांचकर्ताओं का मानना है कि हमले की साजिश काफी समय पहले तैयार की गई होगी। फिलहाल पूरे कराची में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त बल (Karachi Terror Attack) तैनात कर दिया गया है।
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