International Friendship Day History: ऐसे तो दोस्त बहुत खास होते हैं लेकिन कभी-कभी हम उनका महत्व भूल जाते हैं, तो इसी महत्व को याद दिलाने और दोस्ती के रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस।
एक ऐसा दिन जो न केवल दोस्ती का महत्व याद दिलाता है, बल्कि दोस्तों के साथ बिताये गए उन सभी खास पलों को भी याद दिलाता है जो हम आजकल की इस भागदौड़ वाली जिंदगी में भूल जाते हैं। वैसे तो यह दिन अपने आप में ही खास होता है, पर डिजिटल मीडिया व सोशल मीडिया ने इसे ज्यादा प्रेरित किया है और लोकप्रिय बनाया है।
यह दिन क्यों है खास? (International Friendship Day History)
मनुष्य के जीवन का एक अभिन्न हिस्सा होती है दोस्ती। किससे दोस्ती करनी है किससे नहीं यह हम स्वयं चुनते हैं। यह मानसिक, भावनात्मक एवं सामाजिक विकास में बहुत ही खास भूमिका निभाता है। दोस्त हमें न केवल सही-गलत का फर्क समझाते हैं, बल्कि हमें प्रोत्साहित भी करते है, साथ ही जीवन के उतार चढ़ाव में सहारा देते हैं। ऐसे दोस्तों को हमारे दुख-सुख में साथ देने, हमें सही राह दिखाने के लिए धन्यवाद बोलने का मौका देता है यह दिन।

कैसे हुई थी शुरुआत? (International Friendship Day History)
1958 में अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस की शुरुआत पराग्वे में हुई थी। 20 जुलाई 1958 को डॉ. रामोन आर्टेमियो ब्राचो ने अपने दोस्तों के साथ एक डिनर किया था, जिस दौरान उन्होंने इस खास दिन को मनाने का प्रस्ताव दिया था। इस बैठक में “वर्ल्ड फ्रेंडशिप क्रूसेड” का जन्म हुआ था जो एक अंतरराष्ट्रीय नागरिक संगठन है जिसका उद्येश्य है मित्रता के जरिए शांति की संस्कृति को अधिक बढ़ावा देना।

30 जुलाई को मित्रता दिवस के रूप में इस संगठन ने घोषित किया, तब से लेकर आज तक पराग्वे के साथ कई देशों में इस दिन को ‘अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस’ (International Friendship day history) के तौर पर मनाया जाता है।

हालांकि, संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस को साल 2011 में मान्यता दी थी जब 30 जुलाई को इसने इस दिन के तौर पर घोषित किया था। संयुक्त राष्ट्र का जो मकसद था वो था मित्रता से एकता और शांति। उस दिन के बाद से यह दिन पुरे विश्वभर में मनाया जाने लगा।



