Giorgia Meloni Secret Mission: दुनिया जब मिडिल ईस्ट में मचे कोहराम और अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु युद्ध की आहट से सहमी हुई है, तब इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए हैं। अपनी ही खुफिया एजेंसियों की ‘सख्त चेतावनी’ और जान के खतरे को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए मेलोनी एक ‘खुफिया मिशन’ पर खाड़ी देशों (Gulf Countries) के दौरे पर निकल गई हैं। इतालवी मीडिया के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल लेकिन गुप्त यात्रा की भनक उनके अपने मंत्रियों तक को नहीं थी। मेलोनी ने शुक्रवार को सरकारी बैठक के बाद रहस्यमयी अंदाज में कहा था, ‘आप लोगों को जल्द ही पता चल जाएगा कि मैं कहां आराम कर रही हूं।’
28 फरवरी को खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष शुरू होने के बाद से जॉर्जिया मेलोनी वहां का दौरा करने वाली पहली यूरोपीय (EU) नेता बन गई हैं। उनकी यह यात्रा जेद्दा से शुरू हुई, जहां उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) से मुलाकात की और अब वे दोहा पहुंच चुकी हैं। इस यात्रा को ‘सरप्राइज विजिट’ इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी और केवल राष्ट्रपति सर्जियो मैटरेला को ही इसकी जानकारी थी। वॉर जोन में उनकी यह एंट्री महज एक कूटनीतिक दौरा नहीं, बल्कि इटली की राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को बचाने की एक बड़ी जद्दोजहद मानी जा रही है। (Giorgia Meloni Secret Mission)
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
खुफिया एजेंसियों ने दी थी ‘सख्त चेतावनी’
इतालवी मीडिया आउटलेट ‘कोरियर डेरे सेला’ के अनुसार, इटली की खुफिया एजेंसियों ने प्रधानमंत्री को इस समय खाड़ी देशों की यात्रा न करने की सलाह दी थी। एजेंसियों का मानना था कि ईरान के हमलों और क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण मेलोनी की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है। हालांकि, मेलोनी ने इन सभी चेतावनियों को किनारे कर दिया। एक सरकारी सूत्र ने बताया कि इटली इस समय ‘फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रहा है’ और मेलोनी का मानना था कि व्यक्तिगत रूप से वहां मौजूद होना देश के हितों के लिए जरूरी है। (Giorgia Meloni Secret Mission)
पढ़े ताजा अपडेट: Hindi News, Today Hindi News, Breaking News
तेल और गैस की ‘जंग’ में इटली का दांव
इटली अपनी ऊर्जा जरूरतों (LPG और तेल) के लिए भारी मात्रा में खाड़ी देशों और विशेष रूप से ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) के रास्ते पर निर्भर है। हाल के दिनों में ईरानी हमलों और अमेरिकी अल्टीमेटम के कारण एलएनजी (LNG) सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। मेलोनी की इस अचानक यात्रा का मुख्य उद्देश्य वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की तलाश करना और सप्लाई चेन को सुरक्षित करना है। इटली को डर है कि अगर यह युद्ध लंबा खिंचा, तो यूरोपीय अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। (Giorgia Meloni Secret Mission)

गल्फ सहयोगियों को समर्थन और रणनीतिक संदेश
मेलोनी की इस यात्रा का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू ईरान के हमलों का सामना कर रहे खाड़ी देशों को समर्थन देना है। सऊदी अरब और कतर जैसे देशों के साथ सीधे संवाद के जरिए इटली यह संदेश देना चाहता है कि यूरोप इस संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ा है। मेलोनी ने महज चार दिनों के भीतर इस पूरे दौरे की योजना बनाई और इसे पूरी तरह निजी रखने की कोशिश की, ताकि सुरक्षा जोखिमों को कम किया जा सके। (Giorgia Meloni Secret Mission)
क्या मेलोनी का मिशन कामयाब होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि मेलोनी की यह ‘साहसी’ यात्रा वैश्विक अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल इटली की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि अन्य यूरोपीय देशों के लिए भी एक मिसाल पेश करेगी। ऐसे समय में जब ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, मेलोनी की वहां मौजूदगी तेल की कीमतों और युद्ध की दिशा को प्रभावित कर सकती है। (Giorgia Meloni Secret Mission)



