America Naval Missile Attack Iran:अमेरिका ने एक बार फिर अपने सैन्य ताकत का डर दिखाया है। अमेरिकी साउदर्न कमांड के आदेश पर मिसाइलें दागी गईं, जिसमें तीन नावें और 11 लोग मारे गए। अमेरिकी सेना ने मारे गए लोगों को ‘नार्को-टेररिस्ट’ करार दिया है। इस हमले की पुष्टि अमेरिकी सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की।
इस कार्रवाई के बीच दुनिया की निगाहें जेनेवा में चल रही अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता पर टिकी हैं। जहां तनाव चरम पर है, वहीं अमेरिका ने प्रशांत और कैरिबियन महासागर में एक खतरनाक हमला किया। अमेरिकी कार्रवाई ने समंदर को खून से लाल कर दिया और नार्को-तस्करों के खिलाफ सख्त संदेश भेजा।
अमेरिका का 3 नावों पर खौफनाक हमला
अमेरिकी साउदर्न कमांड के प्रमुख जनरल फ्रांसिस एल डोनोवन के निर्देश पर ‘जॉइंट टास्क फोर्स साउदर्न स्पीयर’ ने तीन संदिग्ध नावों को निशाना बनाया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर शुरू हुआ यह ‘नार्को-वॉर’ अब संदिग्ध तस्करों को पकड़ने की बजाय सीधे समुद्र में खत्म करने तक पहुंच गया है। अमेरिकी सेना के अनुसार, ये नावें उन रास्तों पर सक्रिय थीं जो ड्रग तस्करी के लिए कुख्यात हैं। सोशल मीडिया पर जारी किए गए वीडियो में हमला बेहद क्रूर और स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। (America Naval Missile Attack Iran)

कैरिबियन और प्रशांत में अलग-अलग हमले
पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में दो नावों पर हमला हुआ, जिनमें कुल 8 लोग मारे गए। वहीं कैरिबियन सागर में तीसरी नाव को निशाना बनाया गया, जिसमें 3 लोग मारे गए। वीडियो में दिखाया गया है कि दो नावें स्थिर थीं जबकि तीसरी नाव भागने की कोशिश कर रही थी। उसी समय ऊपर से गिरी मिसाइल ने नाव को आग के गोले में बदल दिया। (America Naval Missile Attack Iran)
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सितंबर 2025 से अब तक 140 से ज्यादा मौतें
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने नार्को-तस्करी के खिलाफ इतनी कठोर कार्रवाई की है। सितंबर 2025 से अमेरिकी प्रशासन ने नार्को-तस्करी रोकने के लिए आक्रामक अभियान शुरू किया है। पिछले पांच महीनों में इस अभियान में 140 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और दर्जनों जहाज नष्ट हुए हैं। अमेरिकी कार्रवाई ने वैश्विक समुद्री सुरक्षा और ईरान के साथ तनाव के बीच एक नया मोड़ ले लिया है। (America Naval Missile Attack Iran)



