Ali Khamenei Funeral: ईरान की राजनीति और पश्चिम एशिया की भू-राजनीति एक बार फिर वैश्विक चर्चा के केंद्र में आ गई है। तेहरान में आयोजित अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह के दौरान बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाए। समारोह में ऐसे पोस्टर और बैनर भी दिखाई दिए जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं दर्ज थीं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच हालिया संघर्ष के बाद तनाव कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करने को लेकर कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। हालांकि अंतिम संस्कार में दिखाई गई जनभावनाओं ने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच अविश्वास की खाई अभी भी गहरी बनी हुई है।
अंतिम संस्कार में उमड़ी भारी भीड़
रिपोर्टों के अनुसार तेहरान में आयोजित अंतिम संस्कार समारोह में लाखों लोग शामिल हुए। काले कपड़ों में पहुंचे शोकाकुल लोगों ने ईरानी झंडे और विभिन्न संदेशों वाले बैनर हाथों में लिए हुए थे। समारोह के दौरान अमेरिका और इजराइल विरोधी नारे लगातार सुनाई दिए, जिससे माहौल काफी भावनात्मक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना रहा। ईरान के कई वरिष्ठ राजनीतिक, धार्मिक और सैन्य नेता भी इस कार्यक्रम (Ali Khamenei Funeral) में मौजूद रहे। जनाजे की नमाज शिया धर्मगुरु अयातुल्ला जफर सोभानी ने अदा कराई।
कवि के बयान पर गूंजे नारे
समारोह के दौरान लाउडस्पीकर पर संबोधित करते हुए कवि मोहम्मद रसूली ने भीड़ से एक सवाल पूछा, जिसने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, “दुनिया का सबसे घटिया आदमी अभी भी जिंदा क्यों है?” इस बयान के बाद भीड़ की ओर से “अमेरिका की मौत” और “इजराइल की मौत” जैसे नारे लगाए गए। बाद में रसूली ने कहा कि “दुनिया अब ट्रंप के लिए अच्छी जगह नहीं रही”, जिस पर भीड़ ने जोरदार (Ali Khamenei Funeral) प्रतिक्रिया दी।
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ट्रंप और नेतन्याहू के खिलाफ दिखे पोस्टर
अंतिम संस्कार समारोह के दौरान कई स्थानों पर ऐसे पोस्टर और बैनर भी दिखाई दिए जिनमें अमेरिकी और इजराइली नेतृत्व के खिलाफ संदेश लिखे गए थे। इन पोस्टरों को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी व्यापक चर्चा देखने को मिली।विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम ईरान में मौजूद उस जनभावना को दर्शाता है, जो अमेरिका और इजराइल की नीतियों के प्रति लंबे समय से आलोचनात्मक (Ali Khamenei Funeral) रही है।
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अमेरिकी बयान भी बना चर्चा का विषय
तेहरान में अंतिम संस्कार चल रहा था, वहीं अमेरिका में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालिया सैन्य कार्रवाइयों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “हमें जबरदस्त सफलता मिली है. आप वेनेजुएला को देखें, आप ईरान को देखें. हमने इसे खत्म कर दिया, उनकी सेना को खत्म कर दिया.” ट्रंप के इस बयान (Ali Khamenei Funeral) के बाद दोनों देशों के बीच जारी राजनीतिक बयानबाजी और अधिक चर्चा में आ गई है।
ईरान-अमेरिका रिश्तों पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम संस्कार में दिखाई गई तीखी प्रतिक्रियाएं और अमेरिका से जुड़े विवादित बयान भविष्य की कूटनीतिक वार्ताओं को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और परमाणु कार्यक्रम जैसे कई अहम मुद्दों पर बातचीत की संभावनाएं बनी हुई हैं। मध्य पूर्व पहले से ही कई भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में ईरान और अमेरिका के संबंधों में किसी भी प्रकार (Ali Khamenei Funeral) का नया तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय स्थिरता पर असर डाल सकता है।
क्षेत्रीय राजनीति पर बढ़ी नजरें
अंतिम संस्कार समारोह केवल एक धार्मिक या शोक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह ईरान की आंतरिक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों का भी प्रतीक बन गया। अब दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में ईरान का नया नेतृत्व किस दिशा में आगे बढ़ता है और अमेरिका के साथ उसके संबंध (Ali Khamenei Funeral) किस रूप में विकसित होते हैं।
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