US Iran Missile Conflict: मिडिल ईस्ट से ऐसी खबर आई है जिसने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है। US Iran Missile Conflict को लेकर हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। US मिलिट्री का दावा है कि ईरान ने कुछ ही घंटों में दूसरी बार कुवैत में US मिलिट्री बेस को निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि, US का दावा है कि उसके एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ जवाबी कार्रवाई है, या US और ईरान के बीच एक नई जंग शुरू हो गई है?
2 घंटे में दूसरा हमला, CENTCOM ने किया बड़ा दावा
US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ईरान ने पहले कुवैत और बहरीन की तरफ मिसाइलें और ड्रोन लॉन्च किए। इसके तुरंत बाद, कुवैत में US सेना को निशाना बनाने की एक और कोशिश की गई।
CENTCOM ने दावा किया कि US एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही कई ईरानी ड्रोन मार गिराए। अमेरिका का कहना है कि इस US Iran Missile Conflict में किसी भी अमेरिकी सैनिक या मिलिट्री रिसोर्स को नुकसान नहीं पहुंचा है। इस दावे के बाद, पूरे खाड़ी क्षेत्र में सिक्योरिटी अलर्ट जारी कर दिए गए हैं।
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बहरीन और कुवैत को भी बनाया निशाना
US मिलिट्री के मुताबिक, ईरान ने बहरीन, कुवैत और दूसरे रीजनल मिलिट्री बेस पर कई मिसाइलें दागीं। रिपोर्ट्स बताती हैं कि कुछ मिसाइलें अपने टारगेट तक पहुंचने से पहले ही खत्म हो गईं, जबकि बहरीन की ओर बढ़ रही बैलिस्टिक मिसाइलों को रोककर खत्म कर दिया गया।
US Iran Missile Conflict ने एक बार फिर दिखाया है कि मिडिल ईस्ट में हालात कितने सेंसिटिव हो गए हैं। कोई भी छोटी सी गलती एक बड़े रीजनल युद्ध को शुरू कर सकती है।
कुवैत में US फोर्स को निशाना बनाने के आरोप
US ने दावा किया है कि ईरानी ड्रोन कुवैत में तैनात सिविलियन जहाजों और US फोर्स को निशाना बना रहे थे। जवाबी कार्रवाई में, US ने होर्मुज स्ट्रेट के पास मौजूद ईरान के केशम आइलैंड पर हमले किए। US अधिकारियों का कहना है कि वहां ईरानी मिलिट्री बेस को निशाना बनाया गया था। हालांकि, ईरान ने एक अलग कहानी पेश की है।
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ईरान ने किया पलटवार, US के दावों पर उठाए सवाल
ईरानी सरकारी मीडिया का दावा है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बहरीन में US के पांचवें फ्लीट, एयरबेस और हेलीकॉप्टर को कामयाबी से निशाना बनाया।
हालांकि, US ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि उसकी कार्रवाई US हमले के जवाब में थी। यही वजह है कि US Iran Missile Attack को लेकर दोनों देशों के बीच दावों और जवाबी दावों का सिलसिला जारी है।
शांति समझौते की बातचीत के बीच बढ़ी लड़ाई
सबसे हैरानी की बात यह है कि यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब US और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच शुरुआती समझौते के पॉजिटिव संकेत थे। हालांकि, बढ़ते मिलिट्री टकराव ने अब उस प्रोसेस पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ईरानी मीडिया का दावा है कि हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच कोई सीधा संपर्क नहीं हुआ है। US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि बातचीत जारी है।
क्या मिडिल ईस्ट में छिड़ने वाली है कोई बड़ी लड़ाई?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर US Iran Missile Conflict जैसी घटनाएं बढ़ती रहीं, तो पूरा मिडिल ईस्ट एक बड़ी लड़ाई की ओर बढ़ सकता है। कुवैत, बहरीन और होर्मुज स्ट्रेट जैसे स्ट्रेटेजिक इलाकों में बढ़ते तनाव का असर ग्लोबल तेल मार्केट और इंटरनेशनल सिक्योरिटी पर भी पड़ सकता है।
हालांकि दोनों देशों के दावे अलग-अलग हैं, लेकिन यह पक्का है कि US Iran Missile Conflict ने एक बार फिर दुनिया को युद्ध के खतरे में डाल दिया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि क्या डिप्लोमेसी हालात को संभाल पाएगी या यह झगड़ा एक बड़े युद्ध में बदल जाएगा।
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