PM Modi G7 Summit France: फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक सहयोग और नई साझेदारियों की आवश्यकता पर जोर दिया। PM Modi G7 Summit France के दौरान दिए गए अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज की दुनिया पहले से कहीं अधिक आपस में जुड़ी हुई है। ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता जैसी चुनौतियां अब किसी एक देश तक सीमित नहीं रह गई हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मानवता की प्रगति के लिए मजबूत और भरोसेमंद अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां समय की सबसे बड़ी जरूरत हैं। उन्होंने देशों से आपसी विश्वास और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने की अपील की।
वैश्विक अनिश्चितता के बीच भरोसे का संकट
अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक माहौल में व्यापार और तकनीक का इस्तेमाल कई बार संकीर्ण हितों के लिए किया जा रहा है। इससे देशों के बीच विश्वास का संकट पैदा हुआ है। PM Modi G7 Summit France के दौरान उन्होंने कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया ने संकट के समय सहयोग और पारदर्शिता की अहमियत को करीब से देखा है।
उन्होंने कहा कि यदि विश्व समुदाय भविष्य की चुनौतियों का सामना करना चाहता है तो उसे भरोसे पर आधारित साझेदारियों का निर्माण करना होगा।
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मानवता पहले – भारत की वैश्विक सोच
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हमेशा ‘Humanity First’ यानी मानवता पहले के सिद्धांत पर आगे बढ़ा है। उन्होंने बताया कि इसी सोच ने कई वैश्विक पहलों को जन्म दिया है। इंटरनेशनल सोलर अलायंस, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस, मिशन LiFE और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियान इसी दृष्टिकोण का हिस्सा हैं।
PM Modi G7 Summit France में उन्होंने कहा कि भारत दुनिया को एक परिवार के रूप में देखता है और यही विचार उसकी विदेश नीति तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग का आधार है।
संकट के समय सबसे पहले मददगार बना भारत
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने हमेशा जरूरतमंद देशों की मदद के लिए आगे बढ़कर भूमिका निभाई है। चाहे श्रीलंका में आया चक्रवात हो, अफगानिस्तान का भूकंप, मोजाम्बिक की बाढ़ या जमैका में आया तूफान – भारत ने हर परिस्थिति में मानवीय सहायता पहुंचाई।
उन्होंने कहा कि भारत की यह नीति किसी स्वार्थ पर आधारित नहीं है बल्कि वैश्विक कल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। PM Modi G7 Summit France के मंच से उन्होंने दोहराया कि विश्व में स्थिरता और समृद्धि तभी संभव है जब सभी देश एक-दूसरे के साथ खड़े रहें।
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सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय का विकास मॉडल
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के विकास मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ का मंत्र देश की नीतियों का आधार रहा है। इसी सोच के कारण वित्तीय समावेशन, डिजिटल पहचान, स्वास्थ्य सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और तकनीक आधारित विकास को बढ़ावा मिला है।
उन्होंने कहा कि विकास तभी प्रभावी होता है जब वह आम लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत भारत की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नीतियों दोनों में दिखाई देता है।
अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान जरूरी
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक एकजुटता की राह में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक अंतरराष्ट्रीय कानूनों के प्रति सम्मान की कमी है। उन्होंने कहा कि देशों के बीच साझेदारी दाता और प्राप्तकर्ता की पुरानी सोच से आगे बढ़कर समान भागीदारी और सम्मान पर आधारित होनी चाहिए।
PM Modi G7 Summit France के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि संवाद, कूटनीति और नियम-आधारित व्यवस्था ही विश्व शांति और स्थिरता का आधार बन सकती है।
G7 समिट में भारत का दूरदर्शी नेतृत्व
फ्रांस में आयोजित G7 सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका का स्पष्ट संकेत था। उन्होंने दुनिया को विश्वास, पारदर्शिता, समान भागीदारी और मानवता-केंद्रित विकास का संदेश दिया। PM Modi G7 Summit France केवल एक कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि वैश्विक सहयोग और साझा समृद्धि के लिए भारत के विजन का मजबूत प्रस्तुतीकरण बनकर सामने आया।
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