Frequent Sleep Disruption: आज की तेज-रफ्तार जिंदगी में नींद को अक्सर लोग हल्के में ले लेते हैं। देर रात तक मोबाइल चलाना, तनाव में रहना या बार-बार नींद खुल जाना अब आम बात हो गई है। लेकिन अगर आपकी नींद रोज रात में कई बार टूटती है, तो यह सिर्फ थकान की वजह नहीं बल्कि दिल की सेहत के लिए एक गंभीर चेतावनी हो सकती है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित हालिया रिसर्च के मुताबिक, जो लोग रात में बार-बार जागते हैं, उनमें हार्ट डिजीज, हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक का खतरा कहीं ज्यादा पाया गया है।
Frequent Sleep Disruption: नींद क्यों है दिल के लिए इतनी जरूरी?
नींद के दौरान शरीर खुद को रिपेयर करता है। गहरी नींद (Deep Sleep) के समय दिल की धड़कन धीमी होती है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और स्ट्रेस हार्मोन कम होते हैं। यह समय दिल को आराम देने का सबसे अहम मौका होता है।
लेकिन जब नींद बार-बार टूटती है:
• दिल को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता
• स्ट्रेस हार्मोन (कॉर्टिसोल) बढ़ जाता है
• ब्लड प्रेशर अचानक ऊपर-नीचे होने लगता है
यह सभी स्थितियां लंबे समय में हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ा देती हैं।
Read : हर भारतीय घर की सेहत की ढाल, रोग घटाए और एनर्जी बढ़ाए
Frequent Sleep Disruption: रिसर्च क्या कहती है?
स्टडी के अनुसार, जिन लोगों की नींद रात में 2-3 बार या उससे ज्यादा टूटती है, उनमें:
• हाई ब्लड प्रेशर का खतरा अधिक
• दिल की नसों में सूजन (Inflammation)
• हार्ट डिजीज का रिस्क करीब 30% तक ज्यादा
लगातार टूटी हुई नींद से दिमाग भी पूरी तरह रिलैक्स नहीं कर पाता, जिससे मानसिक थकान और एंग्जायटी बढ़ती है। यह स्थिति दिल पर दोहरा असर डालती है।
Sleep Disruption Heart Risk: दिल के लिए क्यों खतरनाक है नींद टूटना?
जब भी नींद अचानक टूटती है, शरीर ‘अलर्ट मोड’ में चला जाता है। इससे:
• हार्ट रेट अचानक बढ़ जाती है
• ब्लड प्रेशर स्पाइक करता है
• ऑक्सीजन सप्लाई में असंतुलन होता है
अगर यह रोज होता है, तो दिल लगातार दबाव में रहता है। यही वजह है कि लंबे समय तक नींद की समस्या रहने पर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
Frequent Sleep Disruption: एक्सपर्ट की राय – तनाव भी है बड़ी वजह
राजीव गांधी हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजीत जैन के अनुसार, अगर रात में बार-बार नींद टूटती है तो इसका मतलब है कि दिमाग पूरी तरह शांत नहीं है। जरूरत से ज्यादा सोचना, चिंता करना और मानसिक तनाव इसकी बड़ी वजह हो सकती है। मानसिक तनाव सीधे दिल से जुड़ा है। कई मामलों में हार्ट अटैक का मुख्य कारण भी लंबे समय तक बना हुआ स्ट्रेस ही होता है।
Frequent Sleep Disruption: किन लोगों को ज्यादा खतरा रहता है?
कुछ लोगों में नींद टूटने का असर दिल पर ज्यादा तेजी से पड़ता है:
1. स्लीप एपनिया के मरीज
सोते समय सांस रुक-रुक कर चलना दिल पर सीधा असर डालता है।
2. मानसिक तनाव में रहने वाले लोग
डिप्रेशन, एंग्जायटी और वर्क स्ट्रेस नींद को सबसे ज्यादा खराब करते हैं।
3. देर रात स्क्रीन देखने वाले
मोबाइल, टीवी और लैपटॉप की नीली रोशनी मेलाटोनिन हार्मोन को बिगाड़ देती है।
4. हाई बीपी या डायबिटीज के मरीज
इन लोगों में टूटी नींद हार्ट रिस्क को और बढ़ा देती है।
Frequent Sleep Disruption: नींद टूटने के आम कारण
• देर रात तक मोबाइल चलाना
• सोने से पहले चाय या कॉफी
• अनियमित सोने-जागने का समय
• शोर या रोशनी
• तनाव और ओवरथिंकिंग
Frequent Sleep Disruption: दिल को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?
1. सोने से पहले स्क्रीन से दूरी रखें
कम से कम 1 घंटे पहले मोबाइल और टीवी बंद कर दें।
2. फिक्स स्लीप रूटीन बनाएं
हर दिन एक ही समय पर सोएं और जागें, चाहे छुट्टी ही क्यों न हो।
3. कैफीन से बचें
रात में चाय, कॉफी या एनर्जी ड्रिंक न लें।
4. योग और मेडिटेशन करें
प्राणायाम, ध्यान और हल्की स्ट्रेचिंग नींद सुधारने में मदद करती है।
5. तनाव को कंट्रोल करें
दिनभर की टेंशन सोने से पहले दिमाग से निकालने की कोशिश करें।
6. जरूरत पड़े तो डॉक्टर से मिलें
अगर समस्या लंबे समय से है, तो इसे नजरअंदाज न करें।
पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking



