Haryana Development Report: हरियाणा की राजनीति में सियासी गर्मी के बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में प्रेस वार्ता कर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को ‘झूठ की दुकान’ बताते हुए राज्य में पिछले दस वर्षों के विकास (Haryana Development Report) का विस्तृत ब्यौरा पेश किया। सीएम ने कहा कि अफवाहों और भ्रामक प्रचार के जरिए जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हरियाणा की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति खुद इसकी गवाही दे रही है।
‘हरियाणा की नीतियां पंजाब को भी पसंद’
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा का आर्थिक प्रबंधन देश में उदाहरण बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के लोग भी हरियाणा की नीतियों की सराहना कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर लिए गए फैसलों से उद्योग और निवेश को मजबूती मिली है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इससे देशभर के उद्योगपतियों में सकारात्मक माहौल बना है।
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जापान दौरा और 5000 करोड़ के एमओयू
सीएम ने अपने जापान दौरे का उल्लेख करते हुए बताया कि लगभग 5000 करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। कई निवेशकों ने जमीन भी चिन्हित कर ली है। उन्होंने कहा कि पिछले बजट में प्रस्तावित 10 औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (IMT) में से छह के लिए स्थान तय किया जा चुका है। दुनिया की कई बड़ी कंपनियों ने भी हरियाणा में निवेश की इच्छा जताई है, जिससे राज्य को औद्योगिक हब (Haryana Development Report) के रूप में और मजबूती मिलेगी।
आर्थिक प्रबंधन पर विपक्ष को जवाब
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जिनके शासनकाल में अर्थव्यवस्था ‘लचर-पचर’ थी, वे आज आर्थिक प्रबंधन पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि 2014-15 में राजकोषीय घाटा 2.88% था, जो 2024-25 में घटकर 2.83% रह गया। केंद्रीय करों में हरियाणा का हिस्सा 1.093% से बढ़कर 1.361% हो गया है। 16वें वित्त आयोग में हरियाणा को पहला स्थान मिलने का दावा करते हुए उन्होंने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। राज्य का अपना राजस्व 2013-14 में 25,567 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 77,943 करोड़ रुपये हो गया। यानी लगभग 52 हजार करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई।
रोजगार और औद्योगिक उत्पादन में सुधार
सीएम सैनी ने कहा कि शहरी बेरोजगारी में हरियाणा 17वें स्थान से सुधरकर 8वें स्थान पर पहुंचा है। ग्रामीण बेरोजगारी में भी रैंकिंग 22वें स्थान से 15वें स्थान पर आ गई है। 2023-24 में 11.08 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक उत्पादन के साथ हरियाणा देश में चौथे स्थान (Haryana Development Report) पर रहा। प्रति फैक्ट्री औसत उत्पादन 13,549 लाख रुपये बताया गया, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुना है।
एमएसएमई में उछाल और निर्यात में दोगुनी बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2004-2014 के दौरान राज्य में करीब 33 हजार एमएसएमई थे, जबकि 2015-2025 के बीच 20 लाख से अधिक एमएसएमई रजिस्ट्रेशन हुए। इससे लगभग 38 लाख नए रोजगार सृजित हुए। देश के एमएसएमई इकोसिस्टम में हरियाणा की हिस्सेदारी 9-10% तक पहुंच चुकी है। निर्यात के आंकड़ों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 2015 से 2024 के बीच हरियाणा से 132.13 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात हुआ, जबकि 2004-2014 के दौरान यह आंकड़ा 61.60 बिलियन डॉलर था।
राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट
नायब सिंह सैनी की यह प्रेस वार्ता केवल आंकड़ों की प्रस्तुति नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी थी। विधानसभा चुनावों से पहले उन्होंने ‘हरियाणा मॉडल’ को मजबूत ब्रांड के रूप में पेश करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि संकल्प पत्र में किए गए 217 वादों में से 60 पूरे किए जा चुके हैं और 120 पर तेजी से काम जारी है। ‘संकल्प पत्र हमारे लिए गीता के समान है,’ यह कहते हुए उन्होंने विकास और सुशासन के एजेंडे को दोहराया।
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