Ghaziabad Top News: गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नरेट और जिलाधिकारी कार्यालय परिसर के आसपास के क्षेत्र में पार्किंग माफिया का बोलबाला इस कदर बढ़ गया है कि रोजाना भयंकर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है।
यह समस्या अब आम लोगों के साथ-साथ उच्च अधिकारियों और नेताओं को भी परेशान कर रही है। बीते दिन इस जाम का शिकार उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री असीम अरुण भी हुए, जो अपने काफिले के साथ इस क्षेत्र से गुजर रहे थे। यह घटना गाजियाबाद में प्रशासनिक लापरवाही और पार्किंग माफिया के दबदबे को उजागर करती है।
Ghaziabad Top News: फुटपाथों पर खड़े करवा रहे वाहन
पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी कार्यालय के आसपास का क्षेत्र शहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां रोजाना हजारों लोग आते-जाते हैं। लेकिन अवैध पार्किंग और माफिया की मनमानी के कारण सड़कों पर अराजकता का माहौल है। पार्किंग माफिया बिना किसी अनुमति के सड़कों और फुटपाथों पर वाहनों को खड़ा करवाते हैं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि माफिया खुले तौर पर वसूली करते हैं और पुलिस व जिला प्रशासन इस मामले में पूरी तरह निष्क्रिय दिखाई देता है।

Ghaziabad Top News: जाम में फंस गया मंत्री का काफिला
मंत्री असीम अरुण के जाम में फंसने की घटना ने इस समस्या को और गंभीरता से सामने ला दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जाम इतना भयंकर था कि मंत्री का काफिला भी कई मिनट तक फंसा रहा। यह स्थिति तब है जब यह क्षेत्र प्रशासनिक कार्यालयों का केंद्र है, जहां सुरक्षा और व्यवस्था की सबसे अधिक उम्मीद की जाती है। ग्रामीणों और दुकानदारों का आरोप है कि पार्किंग माफिया का नेटवर्क इतना मजबूत है कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उनके सामने नतमस्तक हैं।

Ghaziabad Top News: पैदल चलना भी हो रहा मुश्किल
स्थानीय निवासियों ने बताया कि पार्किंग माफिया न केवल अवैध पार्किंग के लिए पैसे वसूलते हैं, बल्कि सड़कों पर अतिक्रमण और अव्यवस्थित वाहनों के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। इस समस्या के समाधान के लिए कई बार शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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