Ghaziabad Today’s News : गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में स्थित द क्रेसेंट मॉल के बाहर सड़क पर अवैध पार्किंग चार्ज वसूली ने स्थानीय निवासियों में आक्रोश पैदा कर दिया है।
मॉल प्रबंधन द्वारा सरकारी जमीन और ग्रीन बेल्ट पर कब्जा कर पार्किंग स्थल बनाया गया है, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आम जनता की जेब पर भी डाका डाला जा रहा है।
Ghaziabad Today’s News : सरकारी जमीन के पेड़ काटकर बनाई पार्किंग
मॉल संचालकों ने नाले के आसपास की सरकारी जमीन और ग्रीन बेल्ट पर कब्जा कर सीमेंटेड फर्श बनाकर पार्किंग क्षेत्र तैयार किया है। पिछले साल इस हरित पट्टी से दर्जनों पेड़ काटे गए, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए आरक्षित थी। त्यागी ने गुस्से में कहा, “यह सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा है। मॉल प्रबंधन ने हरियाली को नष्ट कर जनता से मनमाने ढंग से पार्किंग शुल्क वसूलना शुरू कर दिया। यह पर्यावरण के साथ-साथ आम लोगों के हितों पर हमला है।”

Ghaziabad Today’s News: पार्किंग से वसूल रहे 50 से 100 रुपये
स्थानीय लोगों का कहना है कि मॉल के बाहर सड़क पर पार्किंग के लिए 50 से 100 रुपये तक वसूले जा रहे हैं, बिना किसी रसीद या नियमन के। यह क्षेत्र मूल रूप से सार्वजनिक उपयोग के लिए था, लेकिन अब इसे निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। निवासियों का आरोप है कि प्रशासन इस मामले में चुप्पी साधे हुए है, जिससे मॉल संचालकों के हौसले बुलंद हैं।
Ghaziabad Today’s News : लोगों ने प्रशासन पर लगाया चुप्पी साधने का आरोप
यह समस्या केवल पार्किंग शुल्क तक सीमित नहीं है। ग्रीन बेल्ट का दुरुपयोग और पेड़ों की कटाई से क्षेत्र की पर्यावरणीय स्थिति भी बिगड़ रही है। स्थानीय निवासी मांग कर रहे हैं कि प्रशासन इस अवैध कब्जे पर तत्काल कार्रवाई करे और पार्किंग शुल्क की लूट को रोके।
राजनगर एक्सटेंशन में @TheCrescentMall के बाहर सड़क पर अवैध पार्किंग? क्षेत्रवासियों ने बताया दर्जनों पेड़ काटकर सीमेंटेड फर्श बनाया। जिम्मेदार अधिकारी संज्ञान लें #RajnagarExtension #GreenBeltEncroachment @dm_ghaziabad @CMOfficeUP @ghaziabadpolice@gdagzb @AMRUTCityGzb pic.twitter.com/qoVaXrtDyQ
— Bharat ka Badalta Shasan (@Bharatkbs) August 11, 2025
इस मामले में मॉल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। गाजियाबाद नगर निगम और जिला प्रशासन से इस मुद्दे पर कठोर कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है, ताकि सरकारी जमीन को मुक्त कराया जाए।
यह भी पढ़े – 12 August 2025 Lokhit Kranti E-Paper