Ghaziabad News : गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना लागू की है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य यातायात प्रबंधन को प्रभावी बनाना, सड़क सुरक्षा बढ़ाना और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। इसके तहत शहर को तीन जोन और नौ सब-जोन में विभाजित किया गया है, जिनकी निगरानी के लिए सहायक पुलिस आयुक्त और यातायात निरीक्षक स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है।
Ghaziabad News : पुलिस बल की संख्या में वृद्धि
एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि बढ़ती यातायात आवश्यकताओं को देखते हुए पुलिस बल की संख्या में वृद्धि की गई है। यातायात पुलिस अब दो शिफ्टों में कार्य कर रही है, ताकि दिन-रात सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित हो। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के सहयोग से 20 स्मार्ट यातायात बूथ और यातायात निरीक्षकों के लिए कार्यालयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। ये बूथ आधुनिक तकनीक से लैस होंगे, जो यातायात प्रबंधन में सहायक होंगे।

Ghaziabad News : बार-बार नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कारवाई
सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) को भेजी जाएगी। स्कूल और कॉलेज वाहनों की नियमित जांच भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने हेतु विस्तृत कार्ययोजना@Uppolice pic.twitter.com/IvOgNa5bVs
— POLICE COMMISSIONERATE GHAZIABAD (@ghaziabadpolice) August 4, 2025
महिला सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। ऑटो और ई-रिक्शा को यूनिक रूट नंबर और कलर कोड आवंटित किए जाएंगे, जिससे उनकी पहचान और निगरानी आसान होगी। इसके अलावा, एक्सप्रेस-वे और एनएच-09 पर साइनेज, रेलिंग, एंबुलेंस, ANPR कैमरे, बेहतर लाइटिंग और रंबल स्ट्रिप जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
Ghaziabad News : एआई करेगी चालान
आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के तहत एआई आधारित चालान प्रणाली को और प्रभावी बनाया जाएगा। मल्टीलेवल पार्किंग, ट्रॉमा सेंटर और एम्बुलेंस नेटवर्क को भी मजबूत किया जा रहा है। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों का पालन करते हुए पुराने और प्रदूषणकारी वाहनों के खिलाफ सघन कार्रवाई जारी है।



