Ghaziabad News : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के प्रतिबंध के बावज़ूद गाजियाबाद के वसुंधरा के विभिन्न सेक्टरों में धड़ल्ले से अवैध रूप से सबमर्सिबल लोगों के घरो और दुकानों में लगाए जा रहे हैं , जिसकी वजह से भूजल स्तर लगातार गिर रहा है | साथ ही इसे लगाने वाले लोगो को ये गारंटी भी दे रहे है की प्रशासन किसी भी तरह की कारवाई करने नहीं आएगा | जिसके ये साफ़ दिखाई दे रहा है कि , प्रशासन की इसमें मिलीभगत है इसलिए ही वो आँखें मूँद के बैठी हुई है |
Ghaziabad News : आमतौर पर अधिकृत सबमर्सिबल लगवाने के लिए पहले नगर निगम व भूजल विभाग के पास आवेदन करना होता है। इसके बाद यह आवेदन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनी कमेटी के पास जाता है, जो कनेक्शन देने या न देने का निर्णय लेती है। ज़ाहिर है कि इस प्रक्रिया में समय भी अधिक लगता है और सामान्य स्थिति में इसका आवेदन बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाता। इसका फ़ायदा अवैध रूप से सबमर्सिबल लगाने वाले उठाते हैं। इस संबंध में जब एक सबमर्सिबल पम्प लगाने वाले से बात की, तो उसका कहना था कि साहब इसके लिए अधिकारियों को चढ़ावा चढ़ाया जाता है।
Ghaziabad News : अधिकारियों को सीधे नहीं जाता पैसा
जब हमने उनमें से एक अधिकारी से पूछा कि पैसा कैसे आता है तो उन्होंने बताया की वो पैसा सीधे अधिकारी के पास नहीं आता | वो अपना नाम गुप्त रखते है और अपने कार ड्राइवर या फिर किसी नजदीकी रिश्तेदार के द्वारा डील करते है।
Ghaziabad News : सबमर्सिबल लगाने वाले भूजल स्तर के हिसाब से वसूलते हैं रक़म
सबमर्सिबल लगाने वाले ने बताया कि उनके द्वारा जहाँ जितने मीटर पर पानी आता है वहाँ उसके हिसाब से ही क़ीमत तय की जाती है। पिछड़े क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम राशि में सबमर्सिबल लगा दिया जाता है। हाल ही में वसुंधरा सेक्टर 15 में व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए लग रहे सबमर्सिबल पम्प के संबंध में जिलाधिकारी, नगर निगम व जनशक्ति मंत्रालय को एक्स पर शिकायत की गई है।
लेखक – खुशी वत्स
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