ब्यूरो- संजय मित्तल
Ghaziabad News : गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट की साइबर क्राइम सेल ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए वर्ष 2025 की पहली छमाही (जनवरी से जून) में कुल 10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की रकम पीड़ितों को वापस कराई है। यह रकम साइबर ठगों द्वारा अलग-अलग तरीकों से लोगों से ठगी गई थी, जिसमें शेयर ट्रेडिंग ऐप, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी केवाईसी अपडेट, और अन्य ऑनलाइन फ्रॉड शामिल थे।
गाजियाबाद पुलिस के अनुसार, साइबर क्राइम सेल और जिले के विभिन्न थानों में कार्यरत साइबर टीमों ने इन मामलों में तीव्रता से कार्रवाई करते हुए ठगी गई रकम को ट्रैक कर बैंकिंग चैनलों के माध्यम से वापस दिलाया। पुलिस का कहना है कि साइबर ठग बेहद चालाक होते हैं और विदेश में बैठकर भी आम लोगों को अपने जाल में फंसा सकते हैं।
Ghaziabad News : कैसे करते हैं ठगी?
साइबर ठग आमतौर पर निम्न तरीकों से लोगों को फंसाते हैं। जैसे शेयर ट्रेडिंग ऐप्स के ज़रिए तगड़ा मुनाफा दिखाकर निवेश करवाना। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डरा-धमका कर पैसे वसूलना। फर्जी केवाईसी अपडेट के नाम पर ओटीपी मांगना और अकाउंट से पैसे निकालना। फर्जी कॉल्स, जिनमें कॉल करने वाला खुद को कोई वरिष्ठ अधिकारी बताकर धन की मांग करता है।
Ghaziabad News : पुलिस की अपील
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने जनता से अपील की है कि वे साइबर ठगों से सावधान रहें और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। ओटीपी, बैंक डिटेल्स या पासवर्ड किसी से साझा न करें। किसी कॉल पर अगर कोई व्यक्ति खुद को अधिकारी बताकर पैसे मांगे तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ऐसे किसी भी फ्रॉड की सूचना तुरंत नजदीकी थाने या 1930 हेल्पलाइन नंबर पर दें।
Ghaziabad News : मीडिया के माध्यम से संदेश
गाजियाबाद पुलिस ने मीडिया के ज़रिए आम जनता को जागरूक रहने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि सतर्कता और सजगता ही साइबर फ्रॉड से बचने का सबसे मजबूत हथियार है।