ब्यूरो।
संजय मित्तल
Ghaziabad News : गाजियाबाद में रहने वाले काजल और उनके पति आदेश ने अपनी डेढ़ साल की बेटी को वॉकर में बैठाकर हरिद्वार से 200 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा पूरी की।
यह अनोखी और भावुक कर देने वाली यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि अपनी बच्ची के बेहतर भविष्य की कामना से जुड़ी हुई है। यह परिवार अब गाजियाबाद स्थित प्रसिद्ध दूधेश्वर नाथ मंदिर में भगवान शिव को गंगाजल अर्पित करेगा।
Ghaziabad News : गरीबी के बीच पली उम्मीद की लौ
काजल और आदेश बेहद गरीब परिवार से हैं। आदेश एक ई-रिक्शा चालक हैं और उनकी आमदनी से परिवार का गुजारा मुश्किल से होता है। उन्होंने बताया कि वे नहीं चाहते कि उनकी बेटी भी गरीबी और संघर्ष भरी जिंदगी जिए। उनकी यही प्रार्थना है कि भगवान शिव उनकी मेहनत और आस्था से प्रसन्न हों और उनकी बेटी पढ़-लिखकर एक दिन सरकारी अधिकारी, आईएएस या आईपीएस बने।
Ghaziabad News : ई-रिक्शा चालक की दिल छू लेने वाली मुराद
आदेश ने बताया कि आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बावजूद वे अपनी बेटी को अच्छी शिक्षा देना चाहते हैं। उन्होंने यह कठिन यात्रा यह सोचकर की है कि भोलेनाथ उनकी प्रार्थना जरूर सुनेंगे और उनकी बच्ची का भविष्य उज्ज्वल बनाएंगे। काजल ने भी बताया कि उनके लिए यह यात्रा केवल धर्म नहीं, उम्मीद और मां-बाप के सपनों की राह है।
Ghaziabad News : कांवड़ यात्रा बनी आस्था और संघर्ष की मिसाल
काजल और आदेश की यह यात्रा अब सिर्फ कांवड़ यात्रा नहीं रही, बल्कि यह संघर्ष, आशा और माता-पिता की मुरादों की मिसाल बन गई है। गाजियाबाद पहुंचने पर लोग इस परिवार को देख भावुक हुए और उनकी आस्था को सलाम किया। भगवान शिव के चरणों में इनकी ये अर्पित मुराद लाखों माता-पिता की भावनाओं की आवाज बन गई है।



