Ghaziabad News : यौन शोषण मामले
गाजियाबाद के इंदिरापुरम से एक बड़ी खबर सामने आई हैं। दरअसल में एक बिल्डर से जुड़े एक गंभीर मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस ने इस मामले में एक एलएलबी छात्र को गिरफ्तार किया है, जो कथित रूप से बिल्डर के परिवार से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने में शामिल था। यह मामला उस बिल्डर से जुड़ा है, जिसे घरेलू सहायिका (मेड) के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अब इस प्रकरण में हनी ट्रैप और रंगदारी मांगने की नई परतें खुलती दिख रही हैं।
Ghaziabad News : क्या है पूरा मामला?
राजेंद्र नगर में रहने वाले एक बिल्डर पर उसकी घरेलू सहायिका ने रेप का आरोप लगाया था। पीड़िता ने 2 फरवरी को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने आरोप लगाया कि बिल्डर उसे होटल ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने बिल्डर को गिरफ्तार कर लिया था और उसे जेल भेज दिया गया था। जांच में पुलिस को होटल में दोनों के आने-जाने के साक्ष्य भी मिले थे, जिससे मामला और मजबूत हो गया।
Ghaziabad News : नया मोड़: रंगदारी की मांग और हनी ट्रैप का शक
बिल्डर की पत्नी ने कुछ समय बाद पुलिस को सूचना दी कि घरेलू सहायिका, उसके दोस्त और एक अन्य व्यक्ति मिलकर इस मामले में समझौता करवाने के नाम पर उनसे दो करोड़ रुपये की मांग कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में एलएलबी के छात्र अनुज कसाना और उसके दोस्त सोनू कसाना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। जांच में यह खुलासा हुआ कि अनुज कसाना ने ही अपने दोस्त सोनू के माध्यम से मेड को लगभग डेढ़ साल पहले बिल्डर के घर काम दिलवाया था। इतना ही नहीं, मेड के रहने की व्यवस्था भी उसी घर में करवाई गई थी। इससे शक गहरा गया कि कहीं यह पूरा मामला पहले से प्लान किए गए हनी ट्रैप का हिस्सा तो नहीं था।
एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। अगर ऐसे कोई प्रमाण मिलते हैं कि बिल्डर को योजनाबद्ध तरीके से हनी ट्रैप में फंसाया गया था, तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, यदि रंगदारी मांगने में मेड की भी संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने अनुज कसाना को गिरफ्तार कर लिया है और उसके दोस्त सोनू कसाना की तलाश जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस पूरे घटनाक्रम में अन्य कोई व्यक्ति तो शामिल नहीं था। बिल्डर को गिरफ्तार करने से पहले पुलिस ने सभी उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की थी।
होटल में उसके और मेड के आने-जाने के सीसीटीवी फुटेज मिले थे, जिससे यह पुष्टि हुई थी कि दोनों वहां मौजूद थे। इसके आधार पर ही पुलिस ने बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की थी। लेकिन अब जब रंगदारी मांगने और हनी ट्रैप की बातें सामने आ रही हैं, तो पुलिस नए सिरे से मामले की जांच कर रही है। पहले यह मामला सिर्फ यौन शोषण का लग रहा था, लेकिन अब इसमें नई परतें जुड़ गई हैं। मेड की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं कि क्या वह वास्तव में पीड़िता थी, या फिर पूरे मामले का हिस्सा थी? अगर जांच में यह सिद्ध हो जाता है कि बिल्डर को साजिश के तहत फंसाया गया था, तो मेड और उसके साथियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।



