Ghaziabad News : गाजियाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच टीन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मोबाइल टावरों के उपकरण चोरी करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह के वांछित पुरस्कार घोषित एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार कर इसके पास से करीब 15 लाख रूपये का माल बरामद किया है। जो दिल्ली एनसीआर क्षेत्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पंजाब व मध्यप्रदेश में जिओ व एयरटेल कम्पनी के मोबाइल सावरी से आरआर यूनिट, बैट्री व अन्य इलेक्ट्रानिक डिवाईस चोरी कर उसे भारी दामों में विदेशों में बेच दिया करता था शातिर अभियुक्त को थाना देवासटी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है।
Ghaziabad News : बदमाश पर 25 हजार का इनाम था घोषित
आरोपी कि गिरफ्तारी के लिए डीसीपी ग्रामीण गाजियाबाद पुलिस द्वारा 25,000 रूपये का इनाम घोषित किया हुआ था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने 8वीं पास करने के बाद पढ़ाई छोड दी और काठ का काम करना शुरु कर दिया। पहले 5-6 साल दिल्ली में फेरी करके कबाड़ लेता था और मुस्तफांचाद में बेच देता था। बाद में दिल्ली छोडकर जाकिर कालोनी मेरठ में गोदान बनाकर मेरठ व उसके आस-पास फेरी करके कबाड़ की दुकानों सें कबाड लेने व बेचने का कान करने लगा। वहीं पर जाकिर कालोनी में ही इरशाद की मुलाकात वसीम मलिक से हुई। जिसने उसे मोबाइल टावरों के आरआरसू व अन्य उपकरणों के बारे बताया। इन चोरी के उपकरणों के खरीदने बेचने में लाखों का मुनाफा होता है। वसीम में इरशाद को साहिल व राहुल से मिलवात को आरआरयू की चोरी करते थे।
इरजाद ने पूछने पर बताया पिछले कुछ वर्षों से मोबाइल टावर की बैट्री, रेडियो रिसीवर यूनिट व अन्य इलैक्ट्रोनिक डिवाईस की चोर बजारी में काली माँग चल रही है, मोबाइल टांचों पर लगे उपकरण काफी मंहगे होते हैं। इरशाद घोरो से चोरी का माल लेकर उसे सुरक्षित तरीके से वसीम को देता था जिसमे एक आरएआरयू की खरीद-फरोख्त में इरशाद को 10,000 रुपये का फायदा होता था। साथ ही इरशाद ने यह भी बताया कि मोबाइल टावरों से आरआरयू, बीबीयू, बैट्री व अन्य इलेक्ट्रोनिक उपकरणों को चोरी करने से लेकर देश से बाहर भेजने तक इनका एक संगठित गिरोह है।
Ghaziabad News : इस तरह से देते थे वारदात को अंजाम
इनके गिरोह में इसके अलावा शाहरूख मलिक, वसीम मलिया, नईम मलिक, फईम मलिक, अनवर मलिक, अनस, साहिल मलिक, कय्यूम, योल्डी उर्फ फन्डान, जावेद, जाकिर, राहुल, कासिम, हाजी आवेद, खालिद उर्फ मुल्ला गिरोह के सक्रिय सदस्य है। इनके गिरोह ने पाईन व नईम पहले अन्तर्राष्ट्रीय आरआरयू तरकर जावेद मीरापुरिया के गैंग ने काम करते थे फिर धीरे-धीरे इन्होने अपना एक अलग निरोह बना लिया गिरोह के कुछ सदस्य दिन में कबाडे की फेरी करके कबाडे का काम करते है और जिस मोबाइल टावर से इनको चोरी करनी होती है उसको ये लोग दिन के समय ही कबाड़ी की फेरी करते हुए चिन्हित कर लेते हैं घटनास्थल पर जाने के लिए गाड़ी की इन्तजाम शाहरूख, वसीम व गोल्डी उर्फ फरहान करते है रात्रि के समय में ये उपलब्ध गाडियों से ये लोग चिन्हित किये हुए टावर पर पहुँचते है और इनके 2-3 साथी मोबाइल टावर पर चढ़ जाते है।
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