महापौर, नगर आयुक्त तथा पार्षदों ने लगाए हर-हर महादेव के जयकारे, किया कांवड़ियों का भव्य अभिनंदन
गाजियाबाद। कांवड़ यात्रियों के स्वागत और अभिनंदन के लिए गाजियाबाद नगर निगम द्वारा पुष्प वर्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महापौर सुनीता दयाल, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, माननीय पार्षदगण तथा निगम के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कांवड़ यात्रियों और शिवभक्तों पर पुष्पों की वर्षा की। इस दौरान पूरा माहौल हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालु उत्साह से झूम उठे।
महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम एक ओर जहां शहर की व्यवस्थाओं को संभाले हुए है, वहीं सभी पार्षद और अधिकारी मिलकर कांवड़ यात्रियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत भी कर रहे हैं, जो कि प्रशंसनीय पहल है। उन्होंने कहा कि पूरे शहर में स्वच्छता और श्रद्धा भाव के साथ कांवड़ यात्रा महोत्सव मनाया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को एक सुखद अनुभव मिल सके।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि कांवड़ श्रद्धालुओं की यात्रा निर्विघ्न, सुरक्षित और सफल संपन्न हो, इसके लिए विशेष टीम लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद नगर निगम की ओर से दो दिन तक पुष्प वर्षा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें आज अंतिम दिन सभी पार्षदों तथा निगम अधिकारियों ने संयुक्त रूप से भव्य रूप से आ रही कांवड़ यात्रा पर पुष्प बरसाए। गाजियाबाद पहुंचने पर कांवड़ियों का अभिनंदन करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया गया।
हर वर्ष होता है पुष्प वर्षा का आयोजन
गाजियाबाद नगर निगम द्वारा प्रतिवर्ष कांवड़ यात्रियों के स्वागत में पुष्प वर्षा का आयोजन किया जाता है। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष भी दो दिन तक यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। निगम के सभी पार्षदों और अधिकारियों ने मिलकर श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों पर पुष्प बरसाकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर शहर की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा की झलक भी देखने को मिली, जहां प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर आस्था के इस पर्व को यादगार बना रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान शहर विधायक संजीव शर्मा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे और उन्होंने भी कांवड़ यात्रियों का उत्साहवर्धन किया। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए आगे भी इस तरह के आयोजन जारी रहेंगे, ताकि कांवड़ यात्रा का यह पावन पर्व शहरवासियों की सहभागिता से और भव्य बन सके।


