Ghaziabad crime news : गाजियाबाद में कुछ दिन पहले हुई एक घटना पूरे इलाके में दहशत और चर्चा का विषय बन गई थी। हिंदू रक्षा दल के नेता पिंकी चौधरी द्वारा खुलेआम तलवारें बांटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो सामने आते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया। अब इस मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। पुलिस ने पिंकी चौधरी को उसके बेटे हर्ष के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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कहां और कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह पूरा मामला गाजियाबाद के शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र का है। कुछ दिन पहले पिंकी चौधरी अपने समर्थकों के साथ इलाके में घूमता नजर आया। उसके हाथ में तलवार थी और उसके साथ मौजूद लोग भी तलवारें लिए हुए थे। आरोप है कि पिंकी चौधरी और उसके कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर हिंदू समुदाय के लोगों को तलवारें बांटीं। इतना ही नहीं, सड़क पर चलते लोगों को भी तलवारें दी गईं।
इस दौरान माहौल इतना डरावना हो गया कि सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। लोग डर के मारे अपने वाहन छोड़कर भागने लगे। कई लोग आसपास की गलियों और दुकानों में छिप गए। कुछ देर के लिए इलाके में जाम जैसे हालात बन गए।
वीडियो वायरल होते ही पुलिस में मचा हड़कंप
इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने मोबाइल से रिकॉर्ड कर लिया और सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो वायरल होते ही पुलिस के आला अधिकारियों तक मामला पहुंच गया। पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेते हुए पिंकी चौधरी और 25 से 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना था कि इस तरह खुलेआम हथियार बांटना कानून व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है। इससे आम लोगों में डर फैलता है और शांति भंग होती है।
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खुद को बताया ‘सनातन का रक्षक’
वीडियो वायरल होने के बाद पिंकी चौधरी सामने आया और उसने सोशल मीडिया पर कई वीडियो जारी किए। इन वीडियो में उसने कहा कि वह जो कुछ भी कर रहा है, सनातन धर्म की रक्षा के लिए कर रहा है। उसने पुलिस और प्रशासन को भी खुली चुनौती दी।
हालांकि, पुलिस के केस दर्ज करने के बाद पिंकी चौधरी फरार हो गया। पुलिस लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही थी, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था।
पहले कार्यकर्ता पकड़े गए, फिर सरगना
पुलिस ने इस मामले में पहले पिंकी चौधरी के 10 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आईं। इसके बाद पुलिस का शिकंजा और कसता गया।
आखिरकार शालीमार गार्डन थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पिंकी चौधरी को पकड़ लिया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उसके बेटे हर्ष को भी हिरासत में ले लिया।
कोर्ट में पेशी, फिर जेल
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पिंकी चौधरी और उसके बेटे को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। फिलहाल दोनों जेल में हैं और मामले की आगे की जांच जारी है।
पुलिस का कहना है कि यह जांच की जा रही है कि तलवारें कहां से लाई गई थीं, कितने लोगों को बांटी गईं और इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल थे।
तलवारों से फैली थी दहशत
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जिस तरह से तलवारें लहराई गईं और बांटी गईं, उससे आम लोगों में डर बैठ गया था। कई लोग यह समझ ही नहीं पाए कि अचानक सड़क पर हथियार क्यों दिख रहे हैं। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में खासतौर पर डर का माहौल बन गया था। यही वजह है कि पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और सख्त कार्रवाई की।
पुलिस का साफ संदेश
पुलिस ने साफ कहा है कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। चाहे कोई खुद को किसी संगठन से जुड़ा बताए या किसी विचारधारा का नाम ले, कानून सबके लिए बराबर है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं भी इस तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें और खुद कानून हाथ में न लें।
इलाके में अब भी चर्चा
पिंकी चौधरी और उसके बेटे की गिरफ्तारी के बाद यह मामला पूरे गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग हैरान हैं कि कैसे खुलेआम तलवारें बांटी गईं और इतने समय तक मामला सुर्खियों में बना रहा। इस कार्रवाई से एक बार फिर साफ हो गया है कि देर से ही सही, लेकिन कानून अपना काम जरूर करता है।
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