रिपोर्टर- सचिन कश्यप
गाज़ियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में चल रहे एक नशा मुक्ति केंद्र (Drug de-addiction center) पर गंभीर आरोप लगे हैं। एक महिला ने ACP को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उसके बेटे को अवैध तरीके से जबरन नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती किया गया और वहाँ उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है।
जबरन ले गए Drug de-addiction center
शिकायतकर्ता रेशमा ने बताया कि उसके पति नासिर हुसैन ने उसकी अनुमति के बिना उनके बेटे सोहेल को दिल्ली से उठाकर गाज़ियाबाद के एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करवा दिया। रेशमा ने आरोप लगाया कि यह कदम उसके पति ने घरेलू विवाद और तलाक की धमकियों के चलते उठाया।

रेशमा ने बताया कि करीब 3-6 दिन पहले जब उसने अपने पति के फोन से बेटे का पता लगाया तो उसे जानकारी मिली कि सोहेल को लोनी के एक नशा मुक्ति केंद्र में रखा गया है। लेकिन जब वह वहाँ पर पहुँची तो उसने देखा कि उसका बेटा बहुत ही खराब हालत में था और उसके शरीर पर काफी ज्यादा चोट के निशान थे।

माँ का कहना है कि सोहेल ने रोते हुए उन्हे बताया कि केंद्र (Drug de-addiction center) में उसके साथ बहुत दुर्व्यवहार किया जाता है, इसके अलावा उन्के साथ काफी मारपीट भी की जाती है। उसने यह भी कहा कि केंद्र चलाने वाले नासिर हुसैन और सरफराज पिछले 9 महीने से उसे बंद करके रखे हुए हैं और परिवार से मिलने भी नहीं देते।

पीड़ित मां ने ACP से निवेदन किया है कि इस अवैध नशा मुक्ति केंद्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उसके बेटे को वहाँ से तुरंत मुक्त कराया जाए।
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