Ghaziabad News : 20 टन प्रतिबंधित लकड़ी बरामद
गाजियाबाद से बड़ी खबर सामने आई हैं। जहां थाना मसूरी पुलिस ने ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 लाख रुपये की प्रतिबंधित खैर की लकड़ी बरामद की है। इस मामले में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके नाम दीपक तिवारी और हरी सिंह परिहार हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी मध्य प्रदेश के दतिया जिले के निवासी हैं और अवैध रूप से प्रतिबंधित लकड़ी की तस्करी कर रहे थे।
Ghaziabad News : क्या हैं मामला ?
डीसीपी रूरल सुरेंद्रनाथ तिवारी ने जानकारी दी हैं कि पुलिस ने करीब 20 टन खैर की लकड़ी बरामद की है, जिसे तस्कर मध्य प्रदेश से हिमाचल प्रदेश ले जा रहे थे। वहां की सागर कत्था फैक्टरी में इस लकड़ी का उपयोग किया जाना था। पूछताछ के दौरान पता चला कि यह लकड़ी बिना किसी अनुमति के अवैध रूप से काटी गई थी और तस्कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इसकी तस्करी कर रहे थे। पुलिस जांच में पता चला कि इस तस्करी रैकेट का मास्टरमाइंड देवेंद्र सिंह सोलंकी है, जो मध्य प्रदेश के ओरछा का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, ट्रक भी देवेंद्र सिंह सोलंकी के नाम पर पंजीकृत है। यह गिरोह पिछले दो वर्षों से लगातार इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहा था।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, देवेंद्र सिंह सोलंकी पहले भी इसी तरह के मामलों में जेल जा चुका है, लेकिन फिलहाल वह फरार चल रहा है। पुलिस अब उसकी तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी की संभावना है।गाजियाबाद पुलिस की इस कार्रवाई से एक बड़े तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस के अनुसार, आरोपी तस्कर खैर की लकड़ी को अवैध रूप से काटकर कई जगहों पर बेचते थे। खैर की लकड़ी का उपयोग कत्था (जो पान मसाले में इस्तेमाल होता है) बनाने के लिए किया जाता है, और इसकी तस्करी के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। सरकार द्वारा इस लकड़ी पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद गिरोह इसे चोरी-छिपे काटकर दूसरे राज्यों में भेजते थे।
पुलिस ने दोनों गिरफ्तार तस्करों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस फरार मास्टरमाइंड देवेंद्र सिंह सोलंकी को पकड़ने के लिए मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में छापेमारी कर रही है। इसके अलावा, इस तस्करी रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही इस पूरे गिरोह को खत्म कर दिया जाएगा और इस तरह की अवैध तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।इस मामले से साफ होता है कि अवैध लकड़ी तस्करी का कारोबार अब भी जारी है, लेकिन पुलिस की सख्त कार्रवाई से इसमें शामिल अपराधियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस की सक्रियता से न केवल बड़ी मात्रा में अवैध लकड़ी की तस्करी रोकी गई, बल्कि एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का भी पर्दाफाश हुआ।



