Ghaziabad News: मूलरूप से बिजनौर के रहने वाले कौशल टीबी से ग्रसित थे, कौशल अपने भाई अजय के साथ नीतिखंड प्रथम इंदिरापुरम में रहते थे। कौशल काफी वक़्त से टीबी से ग्रसित चल रहे थे उनका उपचार बिजनौर से चल रहा था आराम न लगने पर वह कमलेश को निति खंड इंदिरापुरम लेकर आ गए।
क्या है पूरा मामला
मूलरूप से बिजनौर के रहने वाले कौशल टीबी से ग्रसित थे, कौशल अपने भाई अजय के साथ नीतिखंड प्रथम इंदिरापुरम में रहते थे। कौशल काफी वक़्त से टीबी से ग्रसित चल रहे थे उनका उपचार बिजनौर से चल रहा था आराम न लगने पर वह कमलेश को निति खंड इंदिरापुरम लेकर आ गए। बुधवार को उन्हें दिल्ली के महरौली स्थित टीबी अस्पताल में डाक्टर के पास लेके जाना था। लेकिन बुधवार सुबह उन्हें अचानक सांस लेने में दिक्कत होने लगी जिस पर वह एम्बुलेंस 108 से संजयनगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे। जहाँ डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जिले में बाध्य उपचार को लेकर किए जाते है दावे
जिले में भले ही सरकारी स्टार पर टीबी मरीज़ों के उपचार को लेकर दावे किए जाते हो, लेकिन यह दावे उस समय खोखले साबित हो गए। अजय के अनुसार वह अपने भाई कौशल की तबियत बिगड़ने पर 21 अक्टूबर को एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे थे, लेकिन इमरजेंसी स्टाफ ने टीबी मरीजों के लिए बेड उपलब्ध न होने पर भर्ती करने से मन कर दिया और उन्हें दिल्ली महरौली रेफर कर दिया।
एम्बुलेंस के लिए लम्बा इंतज़ार कराया गया
परिजनों ने आरोप लगाया है की उन्होंने एम्बुलेंस की मांग की लेकिन एम्बुलेंस के लिए उन्हें लम्बा इंतजार कराया गया। जिसके बाद भी उन्हें एम्बुलेंस नहीं मिली। बाद में एक प्राइवेट गाड़ी से परिजन शव को साथ लेकर चले गए।
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