जयपुर। राजस्थान के जयपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र बगरू स्थित रामपुरा-कंवरपुरा गांव में एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं के सरकारी स्कूल दौरे को लेकर विवाद खड़ा हो गया। यह जयपुर स्कूल दौरा विवाद उस समय सामने आया जब स्थानीय ग्रामीणों के एक समूह ने कार्यकर्ताओं के गांव में प्रवेश का विरोध किया।
क्या है पूरा मामला
दल के नेता का दावा है कि वे रामपुरा-कंवरपुरा गांव के सरकारी विद्यालय की जर्जर हालत को देखने और स्थानीय लोगों से मिलने गांव पहुंचे थे। जयपुर स्कूल दौरा विवाद उस वक्त बढ़ गया जब मौके पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने आपत्ति जताते हुए कार्यकर्ताओं को गांव से बाहर जाने के लिए कहा। दोनों पक्षों के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, हालांकि घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
ग्रामीणों का पक्ष
कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ता बिना पूर्व अनुमति के बड़ी संख्या में गांव में पहुंचे थे और उनका मकसद केवल राजनीतिक प्रचार करना था। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि सरकारी स्कूल के जीर्णोद्धार के लिए पहले ही बजट स्वीकृत हो चुका है और निर्माण कार्य जल्द शुरू होने वाला है, ऐसे में उन्हें यह दौरा अनावश्यक लगा।
कार्यकर्ताओं का पक्ष
वहीं दल के नेता का कहना है कि वे विद्यालय की वास्तविक स्थिति को उजागर करने और ग्रामीणों की मदद के इरादे से पहुंचे थे, लेकिन उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। नेता ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने उन्हें जबरन गांव से बाहर निकाला।
प्रशासन की स्थिति
घटना को लेकर अभी तक स्थानीय पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान सामने नहीं आया है। जयपुर स्कूल दौरा विवाद से जुड़े हथियार और मारपीट जैसे दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है, इसलिए इन्हें एहतियातन असत्यापित दावों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
बगरू क्षेत्र में इस घटना के बाद माहौल में तनाव देखा गया, हालांकि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है। मामले में आगे की जांच और आधिकारिक बयान आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।


