Saket Building Collapse: राजधानी दिल्ली एक बार फिर बड़े हादसे की गवाह बनी है। Saket Building Collapse ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। दक्षिण दिल्ली के सैदुलाजाब इलाके में स्थित पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे इलाके में चीख-पुकार मच गई। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया, लेकिन अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार इमारत गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कुछ ही सेकंड में पूरी इमारत मलबे के ढेर में बदल गई।
Saket Building Collapse में अब तक 4 शव बरामद
प्रशासन के मुताबिक, रेस्क्यू टीमों ने अब तक 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। वहीं मलबे से 4 लोगों के शव भी बरामद किए जा चुके हैं। हालांकि आशंका जताई जा रही है कि अभी भी कुछ लोग मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं।
एनडीआरएफ, दमकल विभाग, दिल्ली पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें लगातार राहत अभियान चला रही हैं। भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है।
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घटनास्थल पहुंचीं CM रेखा गुप्ता
Saket Building Collapse की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार सुबह घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से राहत कार्यों की जानकारी ली और बचाव अभियान को तेज करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दक्षिण जिला प्रशासन को पूरी घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
हादसे के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर मेहरौली थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही दक्षिण दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट की निगरानी में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
Saket Building Collapse मामले में यह जांच करेगी कि इमारत की संरचना कितनी सुरक्षित थी, क्या निर्माण नियमों का पालन किया गया था और क्या किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जर्जर इमारतों पर चलेगा प्रशासन का बुलडोजर?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आसपास मौजूद जर्जर और खतरनाक इमारतों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों को ऐसे भवनों की तत्काल पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में कई पुरानी और कमजोर इमारतें अब भी लोगों की जान के लिए खतरा बनी हुई हैं। ऐसे में Saket Building Collapse प्रशासन के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत माना जा रहा है।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, सैदुलाजाब के वेस्टर्न मार्ग पर स्थित यह बहुमंजिला इमारत शनिवार शाम अचानक गिर गई। दिल्ली फायर सर्विस को शाम 7:44 बजे हादसे की सूचना मिली, जिसके बाद सात दमकल गाड़ियों को तुरंत मौके पर भेजा गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत का मलबा पास की दूसरी इमारत पर भी गिरा, जिससे नुकसान और बढ़ गया। बताया जा रहा है कि परिसर में मेडिकल छात्रों की कैंटीन भी संचालित होती थी, जिसके कारण अंदर लोगों के मौजूद होने की आशंका जताई गई।
Saket Building Collapse ने उठाए कई सवाल
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि शहरी सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल भी खड़ा करता है। चार लोगों की जान जा चुकी है, कई परिवार प्रभावित हुए हैं और पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि आखिर इस दर्दनाक हादसे के पीछे असली वजह क्या थी और जिम्मेदार लोगों पर कब कार्रवाई होगी।
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