Deportation : सड़क से लेकर संसद तक अमेरिका से भारतीय प्रवासियों के वापस आने का मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले को पंख उस वक्त लगे जब अमेरिका की बॉर्डर फोर्स ने भारतीय प्रवासियों का वीडियो जारी किया। वीडियो के सामने आने के बाद से ही देश भर में माहौल गरमाया हुआ है। वीडियो फुटेज में भारतीय के पैर और हाथ जंजीरों से बंधे दिखाई दे रहे हैं, जिससे हर भारतीय को गुस्सा आ रहा है और अब ये मामला संसद और सड़को पर भी गूंज रहा है।
Deportation : हाथों में हथकड़ी पहने विपक्ष का प्रदर्शन
दरअसल, भारतीयों के डिपोर्टेशन पर संसद के बाहर और अंदर विपक्ष ने हंगामा करते हुए कहा कि सरकार को इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। भारतीयों को अमेरिका से भेजे जाने पर प्रियंका गांधी ने कहा कि “मोदी जी ट्रंप के दोस्त, फिर ऐसा व्यवहार क्यों… विदेश मंत्री नहीं प्रधानमंत्री इसका जवाब दें। फुटेज बाहर आने के बाद हाथों में हथकड़ी पहने विपक्षी सदस्यों ने संसद में प्रदर्शन किया। और कहा कि जिस तरीके से भारतीयों को भारत भेजा गया, वो आमानवीय था और सरकार इसका जवाब दे। इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत दूसरे विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए और सरकार पर हमला बोला।
कांग्रेस ने आरोप लगाते हुआ कहा कि अवैध आप्रवासियों को अपराधी की तरह भारत लाया गया क्योंकि उनके हाथों में हथकड़ियां लगाई गई थीं। विपक्षी ने हंगामा करते हुए सरकार से इसका जवाब मांगा है। विपक्ष के हंगामे के बीच आज विदेश मंत्री एस जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री की बैठक हुई है।
आपको बता दें कि भारत डिपोर्ट किए गए 104 प्रवासियों में गुजरात से 33, हरियाणा से 33, पंजाब से 30, महाराष्ट्र से 3, उत्तर प्रदेश से 3 और चंडीगढ़ के 2 नागरिक शामिल हैं जो अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे थे।



