Delhi Liquor Policy Case: दिल्ली की कथित शराब नीति से जुड़े बहुचर्चित मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को आरोपमुक्त (Delhi Liquor Policy Case) किए जाने के बाद सियासत एक बार फिर गरमा गई है। इस फैसले पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया है। जहां आम आदमी पार्टी (आप) इसे न्याय की जीत बता रही है, वहीं बीजेपी इसे कानूनी प्रक्रिया का एक चरण मानते हुए उच्च अदालत में अपील की बात कर रही है।
रिजिजू का बयान – न्यायिक प्रक्रिया में सुधार की गुंजाइश
किरण रिजिजू ने हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि निचली अदालत के फैसलों की समीक्षा उच्च अदालतें करती हैं और यही न्यायिक व्यवस्था की सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी फैसले में तथ्यात्मक त्रुटि होती है, तो उसे बड़ी पीठ या उच्च अदालत में सुधारा जा सकता है। रिजिजू ने यह भी कहा कि इस मामले में अपील दायर की जा चुकी है, लेकिन वे अदालत के निर्णय पर सीधी टिप्पणी करना उचित नहीं समझते। उनके इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि बीजेपी इस मामले को कानूनी स्तर पर आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।
राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला – राजनीतिक हलकों में हलचल
राउज एवेन्यू कोर्ट ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मामले में केजरीवाल, सिसोदिया समेत 23 लोगों को आरोपमुक्त कर दिया। अदालत के इस फैसले को आप ने ‘सत्य की जीत’ करार दिया है। पार्टी का कहना है कि यह फैसला साबित करता है कि शराब नीति (Delhi Liquor Policy Case) से जुड़ा मामला राजनीतिक द्वेष के तहत बनाया गया था।
केजरीवाल का पलटवार – ‘फर्जी केस’ का आरोप
फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने आम आदमी पार्टी को खत्म करने के इरादे से शराब नीति (Delhi Liquor Policy Case) से जुड़ा ‘फर्जी’ मामला तैयार किया। केजरीवाल ने कहा कि वे प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज मामलों में भी आरोपमुक्ति के लिए अदालत का रुख करेंगे। उन्होंने दावा किया कि अदालत का निर्णय ऐतिहासिक है और मौजूदा समय में जब संस्थाओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तब यह फैसला न्यायपालिका की स्वतंत्रता को दर्शाता है।
मोदी-शाह पर सीधा निशाना
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने दिल्ली में प्रदूषण, यमुना की गंदगी और खराब सड़कों जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए यह मामला उछाला। उन्होंने यहां तक चुनौती दे डाली कि यदि दिल्ली में दोबारा चुनाव कराए जाएं और बीजेपी 10 से अधिक सीटें जीत ले, तो वे राजनीति छोड़ देंगे। इस बयान ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है।
बीजेपी की प्रतिक्रिया – सुर्खियों में रहने की कोशिश
रिजिजू ने केजरीवाल की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे अक्सर प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल कर सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां सभी को बोलने की स्वतंत्रता है, लेकिन राजनीतिक शालीनता भी आवश्यक है।
कानूनी लड़ाई बनाम राजनीतिक नैरेटिव
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि अदालतों में चल रही कानूनी लड़ाई के समानांतर राजनीतिक नैरेटिव भी पूरी ताकत से गढ़ा जा रहा है। एक तरफ आप इसे राजनीतिक प्रतिशोध का मामला (Delhi Liquor Policy Case) बता रही है, तो दूसरी ओर बीजेपी इसे न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा मान रही है। अब नजरें उच्च अदालतों पर टिकी हैं, जहां इस फैसले को चुनौती दी जाएगी। आने वाले दिनों में यह मामला सिर्फ कानूनी ही नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बड़ा मुद्दा बना रह सकता है।
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