Indian stock market: मंगलवार की गिरावट के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार रिकवरी दिखाई। शुरुआती कारोबार में घरेलू बाजार मजबूती के साथ खुले और निवेशकों के चेहरे पर राहत लौटती नजर आई। दिग्गज कंपनियों के शेयरों में खरीदारी और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने बाजार को मजबूती दी। शुरुआती सत्र में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों ही बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।
सुबह कारोबार शुरू होते ही 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 350 अंकों से ज्यादा की छलांग लगाकर 77 हजार के पार पहुंच गया। वहीं निफ्टी ने भी 24 हजार के अहम स्तर को फिर से हासिल कर लिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल Indian stock market में घरेलू निवेशकों का भरोसा बना हुआ है, जिसकी वजह से बाजार बड़ी गिरावट से बचा हुआ है।
शुरुआती कारोबार में दिखी तेजी
बुधवार को Indian stock market शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 358.92 अंक की तेजी के साथ 77,245.83 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी-50 भी 101 अंकों की मजबूती के साथ 24,096.90 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। पिछले कारोबारी सत्र में आई गिरावट के बाद यह तेजी निवेशकों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, Indian stock market में इस समय निवेशकों का फोकस मजबूत कंपनियों के शेयरों पर बना हुआ है। यही वजह है कि ब्लू-चिप स्टॉक्स में लगातार खरीदारी देखने को मिल रही है। बाजार में स्थिरता बनाए रखने में घरेलू संस्थागत निवेशकों की भूमिका भी अहम मानी जा रही है।
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इन शेयरों ने संभाला बाजार
बुधवार को शुरुआती कारोबार में कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। मारुति सुजुकी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी, टेक महिंद्रा, इंफोसिस और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे शेयर सबसे ज्यादा फायदे में रहे। इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ने से Indian stock market को मजबूती मिली।
वहीं दूसरी ओर टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे कुछ शेयरों में हल्की गिरावट भी दर्ज की गई। हालांकि इनकी कमजोरी का असर पूरे बाजार पर ज्यादा नहीं पड़ा।
विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल निवेशक उन कंपनियों पर ज्यादा भरोसा दिखा रहे हैं जिनके वित्तीय नतीजे मजबूत हैं और जिनका लंबी अवधि का प्रदर्शन बेहतर रहा है। यही वजह है कि आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में तेजी दिखाई दी।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
हालांकि बाजार में तेजी के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का रुख अभी भी सतर्क बना हुआ है। एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने 2,103 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 1,712 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
बाजार जानकारों का कहना है कि Indian stock market को इस समय घरेलू निवेशकों का मजबूत समर्थन मिल रहा है। अगर घरेलू निवेशक लगातार खरीदारी जारी रखते हैं तो विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर सीमित रह सकता है।
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एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बनी चिंता के कारण विदेशी निवेशक सतर्क हैं। हालांकि घरेलू निवेशकों का भरोसा बाजार को मजबूती दे रहा है।
रुपये में कमजोरी बनी चिंता
शेयर बाजार में तेजी के बावजूद भारतीय रुपये में कमजोरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 13 पैसे टूटकर 94.81 पर पहुंच गया। मुद्रा बाजार के जानकारों के मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और डॉलर इंडेक्स की मजबूती रुपये पर दबाव बना रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो इसका असर आने वाले दिनों में Indian stock market पर भी दिखाई दे सकता है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है।
कच्चे तेल की कीमतों पर नजर
वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड फिलहाल 111 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। हालांकि इसमें मामूली गिरावट देखी गई, लेकिन कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। निवेशक अब अमेरिका और मध्य पूर्व से जुड़े घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं।
तेल की कीमतों का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था और Indian stock market दोनों पर पड़ता है। यदि कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो कई सेक्टरों की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर कंपनियों के मुनाफे पर पड़ेगा।
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एशियाई बाजारों से मिला सहारा
बुधवार को एशियाई बाजारों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, चीन का शंघाई कंपोजिट और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। इसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।
हालांकि अमेरिकी बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे, लेकिन एशियाई बाजारों की मजबूती ने भारतीय निवेशकों का मनोबल बढ़ाया। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेत फिलहाल मिश्रित बने हुए हैं, इसलिए Indian stock market में आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
मंगलवार की गिरावट से मिली राहत
इससे पहले मंगलवार को बाजार में भारी दबाव देखने को मिला था। सेंसेक्स 416 अंक टूटकर 76,886 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 97 अंक गिरकर 23,995 पर आ गया था। उस गिरावट के बाद बुधवार की तेजी निवेशकों के लिए राहत लेकर आई है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की जरूरत है। वैश्विक संकेत, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति और कच्चे तेल की कीमतें आने वाले दिनों में Indian stock market की दिशा तय करेंगी।
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