हरियाणा के पंचकूला से एक बड़े आर्थिक ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें खाद्यान्न और कृषि उत्पादों के कारोबार में मोटे मुनाफे का लालच देकर एक व्यापारी से 60 लाख रुपये ठग लिए गए। इस मामले में पति-पत्नी सहित तीन आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला
सेक्टर-12 निवासी जगबीर सिंह जेएस ट्रेडिंग कंपनी के मालिक हैं। जानकारी के मुताबिक मई 2025 में एक जान-पहचान के व्यक्ति के जरिए प्रवीन सिंह नाम के शख्स ने जगबीर से संपर्क किया और खुद को कृषि उत्पादों का बड़ा कारोबारी बताया। इसके बाद प्रवीन और उसकी पत्नी सुनीता ने मोहाली स्थित अपने घर पर मुलाकात कर कृषि सामान की खरीद-बिक्री में निवेश करने पर मात्र दो महीने में 30 लाख रुपये का भारी मुनाफा देने का भरोसा दिलाया।
आरटीजीएस के जरिए भेजी गई पूरी रकम
आरोपितों की बातों में आकर जगबीर सिंह ने भरोसा कर लिया और अपनी कंपनी के खाते से 11 जुलाई 2025 को 50 लाख रुपये तथा अगले दिन 12 जुलाई को 10 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से प्रवीन सिंह की फर्म एसएस ट्रेडर्स के खाते में ट्रांसफर कर दिए। कुल मिलाकर जगबीर ने 60 लाख रुपये की भारी रकम निवेश के रूप में सौंप दी।
बहाने बनाने लगे आरोपित, नहीं लौटाई रकम
सितंबर महीने में जब जगबीर सिंह ने अपनी रकम मांगी, तो आरोपित तरह-तरह के बहाने बनाने लगे। 25 अक्टूबर को हुई मुलाकात में नवंबर तक भुगतान का आश्वासन दिया गया, लेकिन तय समय पर भी कोई रकम वापस नहीं मिली। इसके बाद छह दिसंबर को जब शिकायतकर्ता बताए गए स्टाक स्थल पर पहुंचे, तो वहां किसी भी तरह का माल मौजूद नहीं था।
फर्जी बैंक लेटर और धमकी का आरोप
मामला यहीं नहीं रुका। आरोपितों ने आगे लोन स्वीकृत होने की बात कहकर तीन महीने में भुगतान का नया वादा किया और एक कथित बैंक प्री-सैंक्शन लेटर भी भेजा, जिसे जांच करने पर शिकायतकर्ता ने फर्जी और एडिटेड पाया। इसके अलावा 27 मई 2026 को प्रवीन सिंह पर रकम लौटाने से साफ इनकार करने के साथ-साथ धमकी देने का भी गंभीर आरोप लगा है।
पुलिस जांच में जुटी, दर्ज हुआ केस
आर्थिक अपराध शाखा-1 की जांच पूरी होने के बाद सेक्टर-5 थाना पुलिस ने प्रवीन सिंह, उसकी पत्नी सुनीता और मध्य प्रदेश निवासी मनोज पाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपितों ने अन्य लोगों से भी निवेश के नाम पर रकम वसूली है। पुलिस अब आरोपितों के बैंक खातों, कंपनियों और संबंधित दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।


