उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में चीनी के कारोबार पर प्रशासन ने नकेल कसनी शुरू कर दी है। केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुपालन में झांसी में चीनी व्यापारियों और डीलरों के लिए स्टॉक लिमिट तय कर दी गई है। इसी आदेश के क्रियान्वयन के तहत मऊरानीपुर उपजिलाधिकारी मनोज कुमार भारती ने बुधवार को क्षेत्र के व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर औचक जांच की और चीनी के भंडारण की वास्तविक स्थिति परखी।
चार महीने के लिए लागू रहेगी स्टॉक सीमा
जिलाधिकारी झांसी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह स्टॉक लिमिट व्यवस्था 1 अगस्त 2026 से 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान जिले के किसी भी चीनी व्यापारी या डीलर को नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
30 दिन से ज़्यादा भंडारण पर रोक, 4000 कुंतल तय सीमा
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी डीलर चीनी की खेप प्राप्त होने की तारीख से 30 दिन से अधिक समय तक उसका भंडारण नहीं कर सकेगा। इसके साथ ही किसी भी समय, किसी भी स्थान पर 4000 कुंतल से अधिक चीनी स्टॉक रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पोर्टल पर हर शुक्रवार देनी होगी स्टॉक जानकारी
प्रशासन ने सभी संबंधित व्यापारियों को निर्देश दिया है कि वे भारत सरकार के foodstock.dfpd.gov.in पोर्टल पर अपने चीनी स्टॉक की जानकारी घोषित करें और प्रत्येक शुक्रवार को उसे अद्यतन (अपडेट) करते रहें।
मऊरानीपुर में एसडीएम ने खुद संभाली कमान
इसी सिलसिले में मऊरानीपुर उपजिलाधिकारी मनोज कुमार भारती स्वयं क्षेत्र के चीनी व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर पहुंचे और वहां रखे स्टॉक तथा भंडारण व्यवस्था का बारीकी से मुआयना किया।
निगरानी के लिए तहसील स्तर पर बनी समिति
नियमों के अनुपालन पर नज़र रखने के लिए प्रशासन ने तहसील स्तर पर एक विशेष समिति भी गठित की है। यह समिति व्यापारियों द्वारा घोषित चीनी स्टॉक का समय-समय पर सत्यापन करेगी, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत रोक लगाई जा सके।
व्यापारियों में हड़कंप, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
प्रशासन की इस सख्ती के बाद जिले के चीनी व्यापारियों में हलचल मच गई है। अधिकारियों ने साफ किया है कि जो भी व्यापारी शासन के निर्देशों का उल्लंघन करता पाया गया, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।


