उत्तर प्रदेश के कासगंज जनपद के सहावर कस्बे में सहावर ब्रह्माकुमारी रक्षाबंधन कार्यक्रम बड़े ही आध्यात्मिक अंदाज़ में मनाया गया। रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर ब्रह्माकुमारी सेवाकेन्द्र सहावर की प्रभारी बीके रूबी बहन ने प्रशासनिक अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों के मध्य पहुंचकर उन्हें राखी बांधी और त्योहार की शुभकामनाएं दीं।
रक्षाबंधन का आध्यात्मिक रहस्य समझाया
कार्यक्रम के दौरान बीके रूबी बहन ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राखी का धागा केवल एक रस्म नहीं, बल्कि पवित्र कर्म करने की प्रतिज्ञा है। उन्होंने कहा कि जब संसार की सभी माताओं-बहनों के प्रति समाज की दृष्टि पवित्र होगी, तभी समाज से बुराइयां दूर होंगी और एक श्रेष्ठ, मूल्यनिष्ठ तथा सद्भावनापूर्ण समाज की स्थापना संभव हो सकेगी। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से इस पावन अवसर पर अपने दुर्गुणों को त्यागने का दृढ़ संकल्प लेने का आह्वान किया।
रुपये नहीं, बुराई का दान लेती हैं ब्रह्माकुमारी बहनें
सहावर ब्रह्माकुमारी रक्षाबंधन कार्यक्रम की एक खास बात यह रही कि बीके रूबी बहन ने बताया कि ब्रह्माकुमारी बहनें राखी के बदले किसी से रुपये-पैसे स्वीकार नहीं करतीं। इसके बजाय वे हर व्यक्ति से परमात्मा के लिए जीवन की किसी एक बुराई का त्याग रूपी “दान” लेती हैं, ताकि व्यक्ति आत्मिक रूप से शुद्ध होकर समाज सेवा में योगदान दे सके।
किन-किन अधिकारियों को बांधी राखी
इस अवसर पर एसडीएम सुशांत सांवरे, तहसीलदार संदीप चौधरी, नायब तहसीलदार दानवीर चौधरी, कोतवाल राधेश्याम, उपनिरीक्षक संदीप कुमार, उपनिरीक्षक बलवीर सिंह तथा रेलवे स्टेशन मास्टर ओमप्रकाश गुप्ता समेत अनेक प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और रेलकर्मियों को ब्रह्माकुमारी बहनों ने तिलक लगाकर राखी बांधी और मुख मीठा कराया। इसके साथ ही सभी को कम से कम एक बुराई जीवन से त्यागने का संकल्प भी दिलाया गया।
समाज में सद्भावना का संदेश
सहावर ब्रह्माकुमारी रक्षाबंधन कार्यक्रम के माध्यम से ब्रह्माकुमारी संस्थान ने प्रशासन और जनता के बीच आपसी सद्भावना व सहयोग का संदेश दिया। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाला बताया।
रिपोर्ट: अनुज गुप्ता, कासगंज


