जालंधर | पंजाब के एंटी-खालिस्तानी कार्यकर्ता गुरसिमरन मंड को पीटे जाने के मामले में रविवार को सिख संगत ने अंबाला थाना घेर लिया। हरियाणा के अंबाला स्थित पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे में बीते दिन हुई इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू कर दी थी, जिसका सिख संगत ने कड़ा विरोध जताया।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, गुरसिमरन मंड पंजोखरा साहिब गुरुद्वारे में पहुंचे थे, जहां कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामले में शामिल कुछ युवकों को हिरासत में ले लिया। पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही बड़ी संख्या में सिख संगत अंबाला थाने के बाहर एकत्र हो गई और गिरफ्तार युवकों की तत्काल रिहाई की मांग करने लगी। मौके पर तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया।
चढूनी का बयान चर्चा में
घटना को लेकर किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी का बयान भी सुर्खियों में है। उन्होंने कहा कि अगर गुरसिमरन मंड दोबारा गुरुद्वारे में आए तो उन्हें फिर पीटा जाएगा। चढूनी के इस बयान के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है, और सोशल मीडिया पर भी इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
प्रशासन और पुलिस का रुख
पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल पर मौजूद रहे लोगों से पूछताछ की जा रही है। थाने के बाहर जुटी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आगे की स्थिति
फिलहाल थाने के बाहर सिख संगत का प्रदर्शन जारी है और गिरफ्तार युवकों की रिहाई को लेकर मांग तेज होती जा रही है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन बातचीत के जरिए मामला सुलझाने का प्रयास कर रहा है। इस पूरे घटनाक्रम पर पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों में सिख संगठनों की नजर बनी हुई है, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।


