Cyber Crime के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। बरेली परिक्षेत्र पुलिस ने विशेष Cy-वज्र अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए 7 दिनों के अंदर 91 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने लाखों रुपये की नकदी, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और क्रिप्टोकरेंसी बरामद की है।
Cyber Crime के तहत 07 जुलाई से 13 जुलाई 2026 तक चलाए गए इस अभियान में साइबर ठगी से जुड़े अपराधियों और उनके नेटवर्क पर शिकंजा कसा गया। पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान कुल 83 मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
Cy-वज्र अभियान में 91 साइबर अपराधियों पर कार्रवाई
पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए गए इस विशेष अभियान का नेतृत्व बरेली परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक अजय कुमार साहनी ने किया।
बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर जिलों में साइबर सेल, साइबर थाना, एसओजी और स्थानीय पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पुलिस ने तकनीकी जांच, डिजिटल सर्विलांस और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की निगरानी के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इस दौरान पुलिस ने 26.76 लाख रुपये नकद, 72 मोबाइल फोन, 31 एटीएम कार्ड और 940 USDT क्रिप्टोकरेंसी बरामद की है।
Cyber Crime : साइबर ठगी के लिए म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल
जांच में पुलिस को पता चला कि साइबर अपराधी ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने के लिए म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल कर रहे थे।
आरोपी लोग आम लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते किराए पर लेते थे। इसके बाद Cyber Crime से प्राप्त रकम इन खातों में ट्रांसफर की जाती थी और आगे दूसरे खातों में भेज दी जाती थी।
पुलिस ने ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई की है, जो प्रत्यक्ष रूप से ठगी में शामिल नहीं थे, लेकिन साइबर अपराधियों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध करा रहे थे।
शाहजहांपुर में OTP चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा
शाहजहांपुर के थाना कांट क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया, जो लोगों को लालच देकर बैंक संबंधी जानकारी हासिल करता था।
गिरोह के सदस्य लोगों के मोबाइल में SMS APK एप्लीकेशन इंस्टॉल करवाते थे। इसके जरिए आने वाले OTP को अपने हैंडलर तक पहुंचाकर बैंक खातों से रकम निकाल लेते थे।
Cyber Crime पुलिस जांच में सामने आया कि इस गिरोह को कमीशन का भुगतान कई बार USDT क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से किया जाता था।
झारखंड के साइबर गिरोह पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
Cyber Crime टीम ने झारखंड से जुड़े एक गिरोह का भी खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सक्रिय रहता था।
गिरोह के सदस्य मोबाइल चोरी कर उन्हें जामताड़ा क्षेत्र में भेजते थे। वहां मोबाइल और बैंकिंग डेटा का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी के लिए किया जाता था।
इस गिरोह में एक नाबालिग के शामिल होने की जानकारी भी पुलिस को मिली है।
पुलिस ने लोगों को किया जागरूक
पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।
पुलिस के अनुसार ठगी के बाद शुरुआती 30 मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान शिकायत दर्ज होने पर संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कराने की संभावना बढ़ जाती है।
पीड़ित व्यक्ति cybercrime.gov.in वेबसाइट या नजदीकी साइबर सेल में भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
आगे भी जारी रहेगा अभियान: आईजी अजय साहनी
आईजी बरेली परिक्षेत्र अजय साहनी ने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस आधुनिक तकनीक और डिजिटल जांच प्रणाली के माध्यम से अपराधियों पर लगातार कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान लिंक, कॉल या मैसेज पर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
Bareilly Cyber Crime की इस बड़ी कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।



