VB-G RAM G Scheme को लेकर पंजाब सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने इस नई ग्रामीण रोजगार योजना को 1 जुलाई से लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। खास बात यह है कि इसी योजना का पंजाब सरकार पहले खुलकर विरोध कर चुकी थी और इसे लेकर विधानसभा में प्रस्ताव भी पारित किया गया था। अब केंद्र सरकार के नए कानून के तहत राज्य में इस योजना को लागू किया जाएगा, जिससे ग्रामीण परिवारों को हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण रोजगार, आजीविका और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर केंद्र और राज्यों के बीच लगातार चर्चा चल रही है। VB-G RAM G Scheme को केंद्र सरकार ने विकसित भारत 2047 के विजन के तहत तैयार किया है।
क्या है VB-G RAM G Scheme?
VB-G RAM G Scheme (Viksit Bharat Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission) केंद्र सरकार की नई ग्रामीण रोजगार योजना है, जिसने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह ली है। इस योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण, जल संरक्षण, सड़क, पुल, स्कूल, आंगनवाड़ी और अन्य विकास कार्यों को गति देना भी है।
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नई व्यवस्था के तहत अब ग्रामीण परिवारों को पहले की तुलना में अधिक रोजगार मिलेगा। जहां MGNREGA के तहत 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, वहीं VB-G RAM G Scheme के तहत यह अवधि बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।
पहले विरोध, अब लागू करने का फैसला
दिलचस्प बात यह है कि पंजाब सरकार ने इस कानून का पहले विरोध किया था। विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार ने केंद्र से MGNREGA को बहाल करने की मांग भी की थी।
सरकार का कहना था कि नई योजना का असर गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों, अनुसूचित जाति समुदायों और ग्रामीण मजदूरों पर पड़ सकता है, क्योंकि लाखों लोग वर्षों से MGNREGA के माध्यम से अपनी आजीविका चला रहे थे।
हालांकि अब केंद्र सरकार के कानून के लागू होने के बाद पंजाब सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है और राज्य में VB-G RAM G Scheme को लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है।
केंद्र सरकार ने क्यों बदली योजना?
केंद्र सरकार का कहना है कि नई योजना केवल मजदूरी देने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम बनेगी। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इस योजना को अधिक प्रभावी बनाया गया है।
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सरकार के अनुसार VB-G RAM G Scheme के जरिए जल संरक्षण, सिंचाई परियोजनाएं, ग्रामीण सड़कें, पुल, पुलिया, पंचायत भवन, स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निर्माण तेजी से किया जाएगा। इससे गांवों में रोजगार के साथ-साथ आधारभूत ढांचे का भी विस्तार होगा।
125 दिनों की रोजगार गारंटी से क्या होगा फायदा?
नई योजना के लागू होने के बाद ग्रामीण परिवारों को हर साल 125 दिनों तक रोजगार मिलने की कानूनी गारंटी होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ाने में मदद मिलेगी और पलायन पर भी कुछ हद तक रोक लगने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया तो गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को भी गति मिलेगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
केंद्र ने बढ़ाया बजट
केंद्र सरकार ने VB-G RAM G Scheme के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 95,600 करोड़ रुपये से अधिक का बजट निर्धारित किया है। वहीं MGNREGA के तहत पहले से 30,000 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके थे। दोनों आवंटनों को मिलाकर ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों के लिए कुल राशि 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। सरकार का कहना है कि पर्याप्त बजट उपलब्ध होने से राज्यों को योजना लागू करने में किसी प्रकार की वित्तीय कठिनाई नहीं आएगी।
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शिवराज सिंह चौहान ने क्या कहा?
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि VB-G RAM G Scheme ग्रामीण मजदूरों के जीवन में नया बदलाव लाने वाली योजना साबित होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के लागू होने के दौरान किसी भी मजदूर को रोजगार, मजदूरी भुगतान या कानूनी अधिकारों से जुड़ी परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का उद्देश्य रोजगार की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना है और किसी भी मजदूर को एक दिन के लिए भी बिना काम के नहीं रहने दिया जाएगा।
विपक्षी राज्यों ने जताई थी आपत्ति
पंजाब के अलावा कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और झारखंड जैसे राज्यों ने भी इस कानून का विरोध किया था। इन राज्यों का मानना था कि MGNREGA ग्रामीण गरीबों के लिए अधिक प्रभावी योजना रही है और इसे समाप्त नहीं किया जाना चाहिए।
हालांकि केंद्र सरकार का दावा है कि VB-G RAM G Scheme पुराने ढांचे से अधिक व्यापक और आधुनिक है तथा इससे रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
ग्रामीण विकास की नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि VB-G RAM G Scheme का पारदर्शी और प्रभावी तरीके से संचालन किया गया तो यह ग्रामीण भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ आधारभूत ढांचे में सुधार, जल संरक्षण और स्थानीय विकास कार्यों को भी नई गति मिलने की संभावना है।
अब सभी की नजर 1 जुलाई से शुरू होने वाले इसके क्रियान्वयन पर रहेगी। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि नई योजना ग्रामीण मजदूरों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है और क्या यह वास्तव में ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को नई मजबूती दे पाती है।
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