IAF Document Debunks Pakistan Claim: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर से किए गए दावों पर अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। महीनों तक पाकिस्तानी मीडिया, सोशल मीडिया अकाउंट्स और कई तथाकथित रक्षा विशेषज्ञ यह दावा करते रहे कि पाकिस्तान ने भारत के कई राफेल लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। लेकिन अब भारतीय वायुसेना (IAF) के एक आधिकारिक दस्तावेज ने इन दावों की हवा निकाल दी है।
भारतीय वायुसेना द्वारा फ्रांस की सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजिन्स कंपनी को भेजे गए एक नए टेंडर दस्तावेज से साफ संकेत मिला है कि भारत के सभी 36 राफेल फाइटर जेट पूरी तरह सक्रिय और सुरक्षित हैं। दस्तावेज सामने आने के बाद पाकिस्तान के उन दावों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं, जिनमें राफेल विमानों को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई थी। (IAF Document Debunks Pakistan Claim)
क्या था पाकिस्तान का दावा?
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर से कई दावे किए गए थे। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया था कि पाकिस्तानी वायुसेना ने भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया है। कुछ रिपोर्टों में तो तीन राफेल विमानों के नष्ट होने तक का दावा किया गया था। हालांकि उस समय भारत की ओर से इन दावों को खारिज कर दिया गया था और इन्हें भ्रामक प्रचार बताया गया था। अब सामने आए दस्तावेज ने इस पूरे विवाद पर नई रोशनी डाल दी है। (IAF Document Debunks Pakistan Claim)
IAF के दस्तावेज से क्या हुआ खुलासा?
भारतीय वायुसेना मुख्यालय के डायरेक्टरेट ऑफ इंजीनियरिंग की ओर से 15 जून 2026 को फ्रांस की सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजिन्स कंपनी को एक अनुरोध प्रस्ताव (RFP) जारी किया गया। इस दस्तावेज में राफेल विमानों के लिए नई ब्रिज सपोर्ट और मेंटेनेंस व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। दस्तावेज के अनुसार भारत के सभी 36 राफेल लड़ाकू विमानों के संचालन और रखरखाव के लिए नया सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट तैयार किया जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी विमान को नुकसान पहुंचा होता या वह सेवा से बाहर होता, तो रखरखाव और उड़ान घंटों से जुड़ी गणनाओं में उसका उल्लेख दिखाई देता। (IAF Document Debunks Pakistan Claim)
36 राफेल विमानों के लिए तैयार हो रहा नया कॉन्ट्रैक्ट
दस्तावेज के मुताबिक भारत और फ्रांस के बीच 2016 में हुए मूल समझौते के तहत राफेल विमानों के लिए पांच वर्षों की प्रारंभिक तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई गई थी। अब मौजूदा व्यवस्था सितंबर 2026 में समाप्त होने वाली है। इसके बाद अंतरिम अवधि के लिए पांच महीने का नया ब्रिज सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट प्रस्तावित किया गया है। इस दौरान पूरे बेड़े को ऑपरेशनल बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक विमान के लिए औसतन 150 घंटे वार्षिक उड़ान क्षमता को आधार बनाकर मेंटेनेंस योजना तैयार की गई है। (IAF Document Debunks Pakistan Claim)
सैफ्रान कंपनी की क्या भूमिका है?
सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजिन्स फ्रांस की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी है, जो राफेल लड़ाकू विमानों में उपयोग होने वाले एम88 इंजन का निर्माण करती है। नए कॉन्ट्रैक्ट के तहत स्पेयर पार्ट्स, तकनीकी सहायता और इंजिन सपोर्ट सीधे मूल निर्माता कंपनी से प्राप्त किया जाएगा, जिससे राफेल बेड़े की परिचालन क्षमता लगातार बनी रहे। (IAF Document Debunks Pakistan Claim)
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भारतीय वायुसेना की ताकत बने हुए हैं राफेल
भारत ने 2016 में फ्रांस के साथ अंतर-सरकारी समझौते के तहत 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदे थे। ये विमान वर्तमान में भारतीय वायुसेना के नंबर 17 स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज’ और नंबर 101 स्क्वाड्रन में तैनात हैं। राफेल को भारतीय वायुसेना की सबसे आधुनिक और घातक लड़ाकू क्षमताओं में शामिल माना जाता है। इन विमानों ने भारतीय वायुसेना की रणनीतिक क्षमता को नई मजबूती प्रदान की है। (IAF Document Debunks Pakistan Claim)
पहले भी खारिज हो चुके थे पाकिस्तानी दावे
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह पहले ही पाकिस्तान की ओर से किए गए ऐसे दावों को खारिज कर चुके हैं। उन्होंने इन दावों को “मनोहर कहानियां” बताते हुए कहा था कि वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल अलग है। अब नया दस्तावेज भी इस बात को मजबूत करता दिखाई देता है कि भारतीय राफेल बेड़ा पूरी क्षमता के साथ सक्रिय है। (IAF Document Debunks Pakistan Claim)
रणनीतिक दृष्टि से क्यों अहम है यह खुलासा?
रक्षा मामलों के जानकारों के अनुसार सैन्य खरीद, रखरखाव और तकनीकी सहायता से जुड़े दस्तावेज आमतौर पर वास्तविक परिचालन स्थिति के आधार पर तैयार किए जाते हैं। ऐसे में सभी 36 राफेल विमानों के लिए सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट की प्रक्रिया यह संकेत देती है कि पूरा बेड़ा सक्रिय रूप से सेवा में है। इससे भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता और तैयारी को लेकर भी स्पष्ट संदेश जाता है। (IAF Document Debunks Pakistan Claim)




