RSS Chief train Attacked: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने वीवीआईपी (VVIP) सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लखनऊ से दिल्ली की ओर जा रही हाई-प्रोफाइल स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन के नजदीक अज्ञात उपद्रवियों द्वारा पथराव किया गया। यह घटना इसलिए बेहद गंभीर रूप ले चुकी है क्योंकि ट्रेन के जिस ‘E-1’ कोच को निशाना बनाया गया, उसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत स्वयं सवार थे। पथराव में उनके कोच की खिड़की का कांच चकनाचूर हो गया।
इस घटना के बाद से ही पूरे रेलवे महकमे, खुफिया एजेंसियों और उत्तर प्रदेश पुलिस में हड़कंप मच गया है। जेड-प्लस (Z+) सुरक्षा श्रेणी प्राप्त संघ प्रमुख की ट्रेन पर हमले की इस साल (2026) में यह दूसरी बड़ी वारदात है। इससे पहले (RSS Chief train Attacked) फरवरी 2026 में भी जब वे वंदे भारत एक्सप्रेस से लखनऊ से मेरठ जा रहे थे, तब हरदोई में उनकी ट्रेन पर पथराव हुआ था। बैक-टू-बैक हुई इन घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं और इसे महज़ एक इत्तेफाक मानने से इनकार किया जा रहा है।
पेमेश्वर गेट के पास अचानक हुआ हमला
घटनाक्रम के अनुसार, स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस गुरुवार दोपहर करीब 3:30 बजे लखनऊ से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। शाम करीब 7:00 बजे जैसे ही ट्रेन फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन से ठीक पहले पेमेश्वर गेट के पास पहुंची, अचानक अंधेरे का फायदा उठाकर ट्रेन पर भारी पथराव शुरू हो गया। एक बड़ा पत्थर सीधे ‘E-1’ कोच की खिड़की पर जाकर लगा, जिससे तेज आवाज के साथ कांच टूट गया। संघ प्रमुख के इसी डिब्बे में मौजूद होने के कारण ऑन-ड्यूटी स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों में तत्काल खलबली मच गई। (RSS Chief train Attacked)
जीआरपी और आरपीएफ का बड़ा बयान
घटना की भयावहता को देखते हुए तत्काल कंट्रोल रूम और रेलवे के शीर्ष अधिकारियों को वायरलेस पर मैसेज फ्लैश किया गया। ट्रेन के शाम 7:30 बजे टूंडला रेलवे स्टेशन पहुंचने से पहले ही भारी संख्या में आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) की फोर्स प्लेटफॉर्म पर (RSS Chief train Attacked) तैनात हो गई थी। मामले की संवेदनशीलता को स्पष्ट करते हुए जीआरपी थाना प्रभारी शेर सिंह ने बताया, ‘उसी कोच पर पत्थर लगा, जिसमें भागवत बैठे थे। हालांकि वह दूसरी साइड पर थे।’
इस बयान से साफ है कि यदि संघ प्रमुख खिड़की की उस तरफ बैठे होते जहां पत्थर लगा, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। टूंडला स्टेशन पर पूरी बोगी की सघन चेकिंग और सुरक्षा क्लीयरेंस के बाद ही ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया।
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सीसीटीवी कैमरों की कड़ाई से जांच
इस वीवीआईपी सुरक्षा चूक के बाद स्थानीय पुलिस के साथ-साथ खुफिया विभाग (Intelligence Bureau) भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पेमेश्वर गेट और उसके आस-पास के पूरे ग्रामीण व शहरी इलाकों के सीसीटीवी (RSS Chief train Attacked) फुटेज को कब्जे में लेकर खंगाला जा रहा है। आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त विनीत सागर ने शुरुआती जांच के आधार पर कहा कि फिरोजाबाद के आसपास एक पत्थर ट्रेन पर लगा था। प्रारंभिक जांच में किसी शराबी द्वारा पत्थर फेंकने की बात सामने आई है। उसकी तलाश की जा रही है।
हालांकि, अधिकारी भले ही इसे किसी शराबी की हरकत बता रहे हों, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसके पीछे की किसी बड़ी साजिश या सुनियोजित पैटर्न के एंगल को भी खारिज नहीं कर रही हैं। पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है, जिससे गुप्त स्थान पर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
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क्या साजिश के तहत बार-बार हो रहा है ऐसा?
साल 2026 में महज कुछ महीनों के भीतर संघ प्रमुख मोहन भागवत की ट्रेन को (RSS Chief train Attacked) निशाना बनाए जाने की यह दूसरी घटना है। रेलवे और गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली ट्रेनों वंदे भारत और स्वर्ण शताब्दी पर एक ही विशिष्ट वीवीआईपी की मौजूदगी के दौरान पथराव होना कई गंभीर संशय पैदा करता है। इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश के संवेदनशील रेलवे ट्रैक्स पर गश्त बढ़ाने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त ‘गैंगस्टर एक्ट’ के तहत कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है।
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